हिंदी के वरिष्ठ कवि कुंवर नायारण का निधन
हिंदी के वरिष्ठ कवि कुंवर नारायण का बुधवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया। राजधानी दिल्ली स्थित घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह पिछले चार माह से बीमार चल रहे थे। बीती चार जुलाई को ब्रेन हेमरेज के बाद वह कोमा में चले गए थे। अपने लेखन के लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार और पद्म सम्मान से सम्मानित किया गया था। उनके कविता संग्रह में 'चक्रव्यूह', 'परिवेश: हम तुम', 'आत्मजयी', 'अपने सामने', 'कोई दूसरा नहीं', 'इन दिनों', 'वाजश्रवा के बहाने', 'हाशिये का गवाह' प्रमुख हैं। उन्हें हिंदुस्तानी अकादमी पुरस्कार, प्रेमचंद पुरस्कार, तुलसी पुरस्कार, केरल का कुमारन अशान पुरस्कार, व्यास सम्मान, श्लाका सम्मान (हिंदी अकादेमी दिल्ली), उ.प्र. हिंदी संस्थान पुरस्कार और कबीर सम्मान मिल चुका था।
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