नई दिल्ली, (जागरण ब्यूरो)। नोटबंदी के बाद ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अभी तक लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की नकदी जब्त कर चुका है। इनमें 20 लाख रुपये के नए नोट और सवा दो करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा शामिल है। जबकि लगभग चार करोड़ रुपये के पुराने जब्त किए गए हैं।
अब तक ईडी हवाला कारोबारियों और विदेशी मुद्रा विनिमय करने वालों पर दो बार छापा मार चुका है। छापे में कालेधन के रूप में रखे पुराने नोटों को बदलने के नए तरीके का पता चला है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुराने नोटों के बदले जाने की आशंका को देखते हुए 11 नवंबर को ईडी ने पूरे देश में 74 स्थानों पर छापे मारकर तीन करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद किए थे। इस दौरान अवैध तरीके से रखी हुई एक करोड़ 74 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई थी। तीन हफ्ते बाद ईडी को सूचना मिली की कुछ हवाला आपरेटर अब भी पुराने नोटों के बदले नए नोट दे रहे हैं। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को 44 हवाला कारोबारियों और विदेशी मुद्रा विनिमय करने वालों के ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान एक करोड़ रुपये के पुराने नोट, 20 लाख रुपये के नए नोट और 50 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद की गई।
वहीं, हवाला कारोबार से जुड़े कुछ ज्वेलर्स के यहां से बड़ी राशि के चेक मिले हैं। इन चेकों के बारे में ज्वेलर्स संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये ज्वेलर्स चेकों के एवज में सोने की बिक्री के सबूत भी नहीं दे पा रहे हैं। ईडी अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर बड़ी राशि के चेक इन ज्वेलर्स को क्यों दिए गए थे? ये कालेधन के रूप में जमा पुराने नोटों के बदलने का नया तरीका हो सकता है।
बेंगलुरु से जब्त हुई चार करोड़ की नई करेंसी
नई दिल्ली, प्रेट्र। आयकर विभाग ने गुरुवार को नई करेंसी की अब तक की सबसे बड़ी खेप जब्त की। विभाग को बेंगलुरु में दो व्यक्तियों के यहां तलाशी में चार करोड़ रुपये से ज्यादा के नई करेंसी वाले नोट मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एक इंजीनियर और एक ठेकेदार के यहां तलाशी ली गई थी। उनके यहां से जब्त की गई करेंसी में ज्यादातर 2,000 रुपये के नए नोट, कुछ 100 रुपये के, कुछ 500 रुपये के नए नोट और कुछ सोने के बिस्कुट मिले हैं। इसके अलावा उनके यहां से कई लोगों पहचान पत्र भी मिले हैं। संभवत: इनका इस्तेमाल पुराने नोटों को अवैध तरीके से बदलने के लिए किया गया होगा। आयकर अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में कुछ एंट्री ऑपरेटरों और बैंकरों की निगरानी की जा रही है।
Courtesy:jagran.com
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