नई दिल्ली, प्रेट्र। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी में भारत की मंगलवार को मुकम्मिल वापसी हो गई, जब एआइबीए ने नवगठित भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआइ) को सर्वसम्मति से पूर्ण सदस्यता दे दी। खेल में चार साल की प्रशासनिक अस्थिरता के बाद बीएफआइ के चुनाव सितंबर में हुए थे।
स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआइबीए) के 70 बरस पूरे होने के समारोह के मौके पर बैठक में भाग लेने गए बीएफआइ अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, 'एआइबीए ने सर्वसम्मति से भारत को पूर्ण सदस्यता दे दी है।' बीएफआइ को खेल मंत्रालय से मान्यता मिल चुकी है, लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता का इंतजार है। एआइबीए ने 2012 में भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ को निलंबित कर दिया था। चुनाव में अनियमितताओं के कारण उसे बाद में प्रतिबंधित कर दिया गया। बॉक्सिंग इंडिया का गठन 2014 में हुआ, लेकिन 2015 में राज्य इकाइयों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद उसे रद कर दिया गया।
इसके एक साल बाद सितंबर में एआइबीए और खेल मंत्रालय के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बीएफआइ के चुनाव हुए। चुनाव के बाद बीएफआइ ने महिला और पुरुषों की राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन कराया। एआइबीए ने साथ ही अपनी वार्षिक बैठक को अगले साल फरवरी में भारत में करने का फैसला लिया है।
अजय सिंह ने कहा, 'इस फैसले के बाद हमारे मुक्केबाज एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के झंडे तले खेल पाएंगे। बीएफआइ का ध्यान खेल के विकास पर होगा। साथ ही हमारी कोशिश होगी कि हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें।'
Source:jagran.com
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