रोडमैप के जरिये वह सरपरस्ती कायम करना चाहता है। टर्नबुल को कट्टर रिपब्लिकन माना जाता है।
सिडनी, एएफपी। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने स्वतंत्र संघीय शासन व्यवस्था पर फिर से आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा है कि क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के बाद उनका देश ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा नहीं रहना चाहता। रोडमैप के जरिये वह सरपरस्ती कायम करना चाहता है। टर्नबुल को कट्टर रिपब्लिकन माना जाता है। वह इस मुहिम की लगातार अगुआई कर रहे हैं। हालांकि उनका उद्देश्य 1999 के जनमत संग्रह में असफल रहा था।
टर्नबुल ने कहा, ऑस्ट्रेलियन रिपब्लिकन मूवमेंट केवल ऑस्ट्रेलिया के हित की बात सोचकर कार्य करता है। हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है। लेकिन हम उन लोगों के देशप्रेम पर सवाल नहीं उठाते तो हमसे अलग सोच रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश शाही सत्ता प्रतीकात्मक है।
ऐसे में जबकि महारानी की लोकप्रियता कम हो रही है, तब ऑस्ट्रेलिया को प्रभाव खो चुके औपनिवेशिक काल से मुक्ति मिलनी चाहिए। हालांकि अपनी ही पार्टी में टर्नबुल के आलोचकों का मानना है कि उनकी यह मुहिम सरकार को नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन टर्नबुल अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि वह ब्रिटिश की शाही सत्ता को लेकर एक बार फिर जनमत संग्रह करा सकते हैं।
Source:jagran.com
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