नई दिल्ली : कांग्रेस और वामदलों ने दो अधिकारियों को नजरअंदाज करके नये सेना प्रमुख की नियुक्ति किए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार द्वारा की गई हर नियुक्ति विवादित हो गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब सरकार ने कल दो वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को नया सेना प्रमुख बनाया।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने रविवार को कहा कि हर संस्थान की अपनी गतिशीलता, पदक्रम और वरिष्ठता क्रम होता है जो केवल भारत में नहीं बल्कि विश्व में हर जगह सैन्यबलों का प्रभावी गतिबोधक है।
उन्होंने कहा, ‘जनरल रावत के पेशेवर रूख को पूरा सम्मान देते हुए और किसी के प्रति निजी आशय के बिना, यह एक वैध सवाल है कि यह वरीयता क्यों दी गई।’ तिवारी ने कहा कि पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और दक्षिणी सेना कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पीएम हरीज लेफ्टिनेंट जनरल रावत से वरिष्ठ हैं।
भाकपा नेता डी राजा ने भी सरकार के कदम पर सवाल उठाए और कहा कि नियुक्तियां विवादित हो गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘सेना में नियुक्तियां विवादित हो गई हैं, न्यायपालिका में नियुक्तियां पहले ही विवादित हैं, सीवीसी, सीबीआई निदेशक और केन्द्रीय सूचना आयोग, इन सभी शीर्ष पदों पर नियुक्तियां बहुत विवादित हो गई हैं।’ इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए राजा ने कहा कि यह लोकतंत्र और देश के हित में नहीं है।
Source:hike.in
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