नई दिल्ली, प्रेट्र। गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कमांडो इस बार परेड में हिस्सा ले सकते हैं। इस संबंध में गृह और रक्षा मंत्रालयों की बैठक में फैसला लिया गया है।
इस फैसले के बाद एनएसजी मुख्यालय ने परेड के लिए करीब 60 कमांडो का दस्ता चुनने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में पहली मंजूरी मिल गई है और पूरी उम्मीद है कि एनएसजी दस्ता परेड में शामिल होगा। राजपथ पर परेड के दौरान एनएसजी कमांडो अपनी तेज-तर्रार शैली का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान वह अपनी काली वेशभूषा, विशेष टोपी, एसाल्ट राइफल एमपी-5 और कमांडो कटार से लैस रहेंगे। एनएसजी के दस्ते में सेना और अर्धसैनिक बल के कमांडो के शामिल होने की उम्मीद है। अभी तक राजपथ पर 26 जनवरी के समारोह में केवल सेना के विशेष बल के कमांडो ही शामिल होते थे।
पिछले साल की तरह इस बार भी परेड में कुछ अर्धसैनिक बल के दस्ते के शामिल होने की उम्मीद नहीं है। बीएसएफ के ऊंट और बैंड दस्ते को परेड में शामिल कर लिया गया है। जबकि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को इससे वंचित रहना पड़ सकता है। सीआरपीएफ की विशेष दंगा रोधी इकाई आरएएफ और सीआइएसएफ के दस्ते को शामिल किया गया है। जबकि आइटीबीपी के दस्ते को शामिल करना अभी निश्चित नहीं है। एसएसबी और आइटीबीपी के वरिष्ठ कमांडरों ने कहा कि हमने गृह मंत्रालय से अपने दस्ते को शामिल करने का आग्रह किया है।
Source:jagran.com
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