किसी भी देश का राष्ट्रगान उसकी सबसे बड़ी पहचान होता है। हमारे देश का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’, देश प्रेम से परिपूर्ण एक ऐसी संगीत रचना है, जो देश के महान इतिहास, सभ्यता, संस्कृति और उसकी प्रजा के संघर्ष की व्याख्या करता है।
रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे गए हमारे राष्ट्रगान को पहले बंगाली में लिखा गया था, लेकिन इसका हिन्दी संस्करण संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को स्वीकार किया गया। टैगोर ने 1911 में राष्ट्रगान के गीत और संगीत को रचा था जिसे पहली बार साल 1911 में 27 दिसम्बर के दिन कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था।
बंगाली में लिखे गए राष्ट्रगान को आबिद अली ने बाद में हिन्दी और उर्दू में अनुवाद किया था। नेहरु जी के विशेष अनुरोध पर राष्ट्रगान को ऑर्केस्ट्रा की धुनों पर अंग्रेजी संगीतकार हर्बट मुरिल्ल द्वारा भी गाया गया। इसका अंग्रेजी अनुवाद टैगोर द्वारा किया गया।
Source:topyaps.com
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