वाशिंगटन, एएफपी। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आर्कटिक और अटलांटिक में तेल और गैस खनन के नए पट्टों पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। खनन क्षेत्र में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ बांधने की कोशिश के तहत ऐसा किया गया है।
20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे ट्रंप तेल खनन को प्राथमिकता देने का कई मौकों पर संकेत दे चुके हैं। उन्होंने सबसे बड़ी तेल कंपनी एक्सॉन के मालिक रेक्स टिलरसन को विदेश मंत्री और जलवायु परिवर्तन को खारिज करने वाले स्कॉट प्रूट को पर्यावरण संरक्षण एजेंसी का प्रमुख नामित कर रखा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर उठाए गए इस कदम के लिए ओबामा प्रशासन को ट्रंप कैंप के तीखे हमलों का सामना करना पड़ सकता है।
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि ओबामा के ताजा फैसले के पीछे मजबूत कानूनी आधार है। कांग्रेस के कानून के बिना ट्रंप इस फैसले को रद नहीं कर सकते। ओबामा ने बयान जारी कर कहा है कि इस फैसले से एक संवेदनशील और अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा होगी। हालांकि औद्योगिक लॉबी समूह 'द अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट' ने फैसले पर चेताया है। समूह ने कहा है कि खनन को बाधित करने वाले इस फैसले से अमेरिका की सुरक्षा कमजोर होगी। अच्छी कमाई वाली नौकरियां खत्म होंगी और उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा महंगी हो सकती है।
मुलाकात कराने के लिए बेटे वसूल रहे 10 लाख डॉलर
डोनाल्ड ट्रंप के बेटों पर अपने पिता से मुलाकात कराने के नाम पर लोगों से 10 लाख डॉलर (करीब 6.8 करोड़ रुपये) वसूलने का आरोप लगा है। प्रतिष्ठित संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रिटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर 'ओपनिंग डे फाउंडेशन' में शामिल होने का मौका देने के नाम पर यह काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 14 दिसंबर को एक गैर लाभकारी संगठन का गठन किया है। रिपोर्ट के अनुसार जो लोग पांच से 10 लाख डॉलर दे रहे हैं उनको निजी तौर पर नए राष्ट्रपति से मिलवाया जाएगा। ट्रंप के शपथ लेने के अगले दिन 21 जनवरी को ह्वाइट हाउस में यह आयोजन होना है। हालांकि ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
Source:jagran.com
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