Friday, 16 December 2016

राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण के सदस्य बने डाक्टर पाठक

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डाक्टर विंदेश्वर पाठक को केंद्रीय कानून व न्याय मंत्रालय ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत किया है। यह प्राधिकरण समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराता है। डाक्टर पाठक को यह जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर की सलाह पर मनोनीत किया गया है। प्राधिकरण के अन्य सदस्यों में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वीरेंद्र सिंह को भी मनोनीत किया गया है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन 1987 में एक कानून के तहत किया गया है। मंत्रालय के तहत इस प्राधिकरण की जिम्मेदारी समाज के कमजोर तबके के मुफ्त कानूनी सलाह मुहैया करानी है। ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसी व्यक्ति को इसकी वजह से नाइंसाफी का सामना न करना पड़े। डॉक्टर पाठक को सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए चुना गया है। इसके पहले केंद्र सरकार ने डाक्टर पाठक को रेल मंत्रालय के स्वच्छता मिशन का ब्रांड अंबेस्डर मनोनीत किया गया है।

समाज के कमजोर तबके के लोगों में पाठक की संस्था सुलभ इंटरनेशनल अहम भूमिका निभा रही है। सिर पर मैला ढोने वाले समुदाय को वहां से उबारने का श्रेय डाक्टर पाठक को है। इसके लिए उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्हें सस्ते व रियायती शौचालय की तकनीक की ईजाद करने वाले के रूप में भी जाना है। उनकी संस्था सुलभ इंटरनेशनल ने अब तक तकरीबन पंद्रह लाख शौचालय बना चुकी है।

Source:jagran.com

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