नई दिल्ली, प्रेट्र। मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का सदस्य बनने के साथ ही भारत और रूस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्माोस की मारक क्षमता बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। फिलहाल इसकी मारक क्षमता 300 किमी है। सरकार ने यह जानकारी शुक्रवार को संसद में दी।
लोकसभा में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने लिखित जवाब में बताया कि मिसाइल की मारक क्षमता 300 किमी से अधिक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भारत और रूस में सहमति बन गई है। भारत के एमटीसीआर में प्रवेश के बाद दोनों देश ब्रह्माोस की मारक क्षमता बढ़ाने पर सहमत हुए। ब्रह्माोस कम दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह मैक 3 की गति से लक्ष्य को साध सकती है। खबर है कि भारत और रूस इस मिसाइल की अगली पीढ़ी के विकास की योजना भी बना रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत इस साल जून में एमटीसीआर का पूर्णकालिक सदस्य बना। हालांकि चीन अभी तक इस महत्वपूर्ण संस्था का सदस्य नहीं बन सका है। उसने जून में ही भारत के 48 देशों वाले परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का सदस्य बनने की राह में रोड़ा अटकाया था।
Source:jagran.com
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