यरुशलम, प्रेट्र। वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला वाटर वेव लेजर विकसित करने में सफलता हासिल की है। यह लेजर प्रकाश और पानी के माध्यम से लेजर किरणें छोड़ता है। कोशिका विज्ञान को समझने और नई दवाओं के प्रयोग में यह सहायक हो सकता है।
यह लेजर टेक्नियन इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। यह नैनो स्तर पर होने वाले शोध में वैज्ञानिकों के लिए नए रास्ते खोलेगा। नैनो तकनीक में मनुष्य के बाल से भी छोटे पैमाने पर शोध को अंजाम दिया जाता है।
वाटर वेव लेजर की यह तकनीक दो क्षेत्रों नॉन लीनियर ऑप्टिक और वाटर वेव को जोड़ने वाली है। अब से पहले इन दोनों क्षेत्रों को पूरी तरह अलग माना जाता रहा है। शोधकर्ता ताल कारमन ने कहा कि फ्रीक्वेंसी में अंतर के कारण अब तक पानी और प्रकाश को मिलाकर लेजर का प्रयोग नहीं किया गया है। फ्रीक्वेंसी का अंतर लेजर विकिरण के लिए जरूरी ऊर्जा उत्पन्न नहीं होने देता। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित खास उपकरण फ्रीक्वेंसी के इस अंतर के कारण ऊर्जा में होने वाली कमी को संतुलित करता है।
Courtesy:jagran.com
No comments:
Post a Comment