Monday, 31 October 2016

अगले सप्ताह मिलेंगे भारत-चीन के NSA, NSG, मसूद मुद्दे पर होगी बात

भारत और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के उपायों पर चर्चा करने के लिए अगले सप्ताह मुलाकात करेंगें। एनएसजी में भारत के प्रवेश और जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंधित कराने के प्रयास को चीन द्वारा बाधित करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव है।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यांग जिएची द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति पर अनौपचारिक बातचीत के लिए नवम्बर के प्रथम सप्ताह में हैदराबाद में मुलाकात करेंगे। इस दौरान संबंधों में परेशानी उत्पन्न करने वाले तत्वों पर चर्चा होगी।

एनएसजी में भारत के प्रवेश को बाधित करने के अलावा चीन ने अजहर पर संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध लगाने के वास्ते भारत के कदम पर तकनीकी रोक लगा दी। इसके साथ ही भारत 46 अरब रुपए की लागत वाले चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का विरोध कर रहा है, जिसका निर्माण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर किया जा रहा है।

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भारत जहां इसको लेकर चिंतित है कि भारत चीन संबंधों में पाकिस्तान कारक द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बना रहा है। वहीं चीन भारत में चीन के सामानों के बहिष्कार के आंदोलन, भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा के अरूणाचल प्रदेश के दौरे के साथ ही दलाईलामा को उस क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति देने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहा है।   

चीन के अधिकारियों का कहना है कि भारत द्वारा अपने सामरिक और रक्षा संबंधों को बढ़ाते हुए अमेरिका और जापान के नजदीक जाने को लेकर चीन आशंकित है। 

डोभाल और यांग भारत-चीन सीमा वार्ता के मनोनीत विशेष प्रतिनिधि हैं। दोनों चीन-भारत संबंधों के संपूर्ण पहलू पर चर्चा के लिए समय समय पर मुलाकात करते हैं।

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यांग चीन के पूर्व विदेश मंत्री थे और 2013 में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सत्ता संभालने के बाद वह सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना (सीपीसी) के स्टेट काउंसिलर बना दिए गए।

चीन में शासन के ढांचे में स्टेट काउंसिलर विदेशी नीति मुद्दों पर विदेश मंत्री से अधिक शक्तिशाली होता है।

डोभाल और यांग द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करने वाली समस्याओं पर चर्चा करने के लिए नियमित रूप से मुलाकात करते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि हैदराबाद में होने वाली बैठक सीमा पर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत नहीं है बल्कि एक अनौपचारिक चर्चा है जिसमें सीमा से जुड़े मुद्दे आ सकते हैं।

डोभाल और यांग की यह बैठक हाल में सम्पन्न कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना (सीपीसी) की पूर्ण बैठक की पृष्ठभूमि में हो रही है। 

Courtesy:livehindusthan.com

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