Tuesday, 18 October 2016

अखिलेश यादव ही होंगे सपा का मुख्यमंत्री चेहरा : किरनमय नंदा

लखनऊ ( जेएनएन)। विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री तय करने का समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का दांव उल्टा पडऩे का अंदेशा होते ही 'डैमेज कंट्रोल' शुरू हो गया है। उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि अखिलेश यादव चुनाव में पार्टी का चेहरा होंगे और सरकार बनी तो वही मुख्यमंत्री भी होंगे। समाजवादी परिवार में चल रहे अधिकारों के संग्राम में 14 अक्टूबर को मुलायम ने यह कहते हुए चौंका दिया कि 'सपा संसदीय बोर्ड, विधायक दल और मैं तय करूंगा कि कौन मुख्यमंत्री होगा। पार्टी में यही तरीका है।' बिना अखिलेश यादव के सीएम फेस सपा को मिलेंगी सिर्फ 20 सीट : अक्षय मुलायम के इस बयान को परिवार की रार बढऩे से जोड़कर देखा गया। इस बीच परिवार के एक और सदस्य व पार्टी महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह को तल्ख पत्र लिख दिया। विचारों में ऐसा मतभेद शायद पहली बार हुआ था, लिहाजा मुलायम सिंह ने दिल्ली में रामगोपाल के घर जाकर उनसे बात की। सोमवार सुबह मुलायम ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव, उपाध्यक्ष किरनमय नंदा और कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। दो घंटे लंबी चर्चा के बाद शाम तीन बजे पत्रकारों से मुखातिब नंदा ने कहा कि, 'अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राम गोपाल ने लिखा मुलायम को बेहद सख्त पत्र, मुलायम नाराज विधानसभा चुनाव में वही पार्टी का चेहरा होंगे और बहुमत मिलने पर वही मुख्यमंत्री भी होंगे।' इस सवाल पर कि मुलायम ने तो विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री चुने जाने की बात कही थी, आप किस आधार पर यह नया दावा कर रहे हैं-नंदा ने कहा, वह पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। जो कह रहे हैं, उसमें मुलायम की भावना शामिल है। यही सपा मुखिया का संदेश भी है। नंदा की इस घोषणा को रामगोपाल के पत्र का प्रभाव और डैमेज कंट्रोल का प्रयास माना जा रहा है। अब नहीं बचने वाला मुलायम का कुनबा: अजित सिंह नौ से मुलायम संदेश का तीसरा चरण किरनमय नंदा ने कहा कि युवजन सभा की ओर से निकाली जा रही श्री मुलायम संदेश रथ यात्रा का तीसरा चरण नौ नवंबर से वाराणसी से शुरू होगा, जिसमें युवजन सभा के अध्यक्ष बृजेश यादव, महामंत्री मनीष सिंह के साथ वह खुद भी रहेंगे। शिवपाल यादव यात्रा के तीसरे चरण का शुभारम्भ करेंगे। राम गोपाल के पत्र के मुख्य अंश '...लोगों को कष्ट है कि पहले नंबर पर चल रही पार्टी कुछ गिने चुने लोगों की गलत सलाह के चलते काफी पीछे चली गई है। ये जो आजकल आपको सलाह दे रहे हैं, जनता की निगाह में उनकी हैसियत शून्य हो गई है। पार्टी जिसे चाहे टिकट दे, जीतेगा वही जिसकी हैसियत होगी। पार्टी तभी चुनाव जीतेगी जब उसका चेहरा अखिलेश यादव हों। अगर आप चाहते हैं कि पार्टी 100 से नीचे चली जाए तो आप चाहे जो फैसला लें, पर एक बात याद रखें कि जो जनता आपकी पूजा करती है, समाजवादी पार्टी बनाने के लिए, वही जनता पार्टी के पतन के लिए आपको और केवल आपको दोषी ठहरायेगी। इतिहास बहुत निष्ठुर होता है, यह किसी को बख्शता नहीं है।

Courtesy:jagran.com

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