बलूचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे एक बलूच नेता ने कहा है कि चीन की मदद से पाकिस्तान हम पर अत्याचार कर रहा है। बलूच नेता ने आरोप लगाया कि चीन द्वारा बनाया जा रहा आर्थिक गलियारा वास्तव में आतंकवादी गलियारा है।
बलूच नेता मजदक दिलशाद बलूच ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान चीन की मदद से बलूचिस्तान में बड़े स्तर पर जनसंहार कर रहा है। पाकिस्तान और चीन बलूच लोगों के गांव जलाकर उन्हें आतंकित कर रहे हैं। इस कारण बड़ी संख्या में बलूचों की आबादी यहां से विस्थापित हो गई है। दिलशाद ने पाकिस्तानी सेना को सबसे बड़ा आतंकवादी करार दिया।
भारत की कार्रवाई सही
बलूच नेता ने सीमा पार किए गए भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को सही करार दिया। कहा, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और कब्जे वाले कश्मीर तथा गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। हम भारत के साथ हैं।
नेहरू से मांगी थी मदद
उन्होंने कहा कि 1947-48 में स्वतंत्र बलूचिस्तान के तत्कालीन गवर्नर मीर गौस बक्श बिजेनो प्रतिनिधियों के साथ भारत आए थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने कुछ कारणों से हमारी मदद से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने हम पर हमला कर दिया और हमारे राज-रानी से बंदूक की नोक पर हस्ताक्षर करा लिए।
मोदी के बयान से बदले हालात
दिलशाद ने कहा, बलूच लोग 70 सालों से आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हर बार हमारी आवाज को दबा दिया जाता है। लेकिन इस बाद 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से बलूचिस्तान के मानवाधिकार की बात उठाई तो उसके बाद हालात बदल गए हैं।
Courtesy:livehindusthan.com
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