कुआंतान, (मलेशिया), प्रेट्र। दिग्गज ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह के एक और शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने बुधवार को चौथे एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के अंतिम लीग मुकाबले में मेजबान मलेशिया को 2-1 से हराकर अपना विजय अभियान जारी रखा है। पांच मैचों में चार जीत और एक ड्रॉ के साथ भारत ने 13 अंकों के साथ शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। मैच के 12वें मिनट में ही रुपिंदर पाल ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी। हालांकि उसकी यह बढ़त छह मिनट ही रही 18वें मिनट में राजी रहीम ने गोल कर मलेशिया को एक-एक की बराबरी दिला दी। खेल खत्म होने से दो मिनट पहले मिले पेनाल्टी कॉर्नर को रुपिंदर ने गोल में तब्दील कर भारत को 2-1 से विजय दिला दी। रुपिंदर टूर्नामेंट में अब तक दस गोल कर चुके हैं। भारत ने इससे पहले जापान, पाकिस्तान और चीन को पराजित किया था, जबकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ ड्रॉ खेला था। आज तय होगी सेमीफाइनल लाइन अप अंतिम चार में भारत का मुकाबला किससे होगा इसका फैसला गुरुवार को होने वाले मैचों के बाद होगा। नौ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे मलेशिया की भिड़ंत दक्षिण कोरिया से होगी, जबकि गत चैंपियन पाकिस्तान को चीन से खेलना है। चोटिल श्रीजेश रहे बाहर इस मैच में भी कप्तान पीआर श्रीजेश नहीं खेले। पैर में चोट के चलते उन्हें आराम दिया गया। उनकी जगह गोलकीपर की जिम्मेदारी संभालने वाले आकाश चिकते ने कई अहम मौकों पर शानदार बचाव कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। रोमांचक रहा मुकाबला एशियाई हॉकी के दो दिग्गजों के बीच होने वाले इस मैच में अच्छे खेल की उम्मीद थी। हुआ भी वैसा ही। मैच की शुरुआत आक्रामक हुई और दोनों टीमों ने गोल के कई प्रयास किए। भारत को तीसरे ही मिनट में पेनाल्टी मिली, जिसे रुपिंदर गोल में तब्दील नहीं कर पाए। 12वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला। रुपिंदर ने रिबाउंड में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में मलेशिया ने बराबरी कर ली। 18वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर को ड्रैग फ्लिकर राजी रहीम ने गोल में बदलकर यह बराबरी दिलाई। दूसरे हाफ की समाप्ति से ठीक पहले भारतीय गोलकीपर आकाश ने शानदार बचाव करते हुए मेजबानों को बढ़त लेने से रोक दिया। तीसरे क्वार्टर में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने प्रतिद्वंद्वी टीम पर हमले जारी रखे लेकिन उनकी मजबूत रक्षापंक्ति ने भारत को गोल से दूर रखा। मैच खत्म होने में चार मिनट का समय बाकी थी और मेजबानों को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन मलेशियाई खिलाड़ी गेंद को गोल पोस्ट से बाहर खेल बैठे। मैच खत्म होने से दो मिनट पहले भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला। रुपिंदर ने इस बार भी गोल करने में कोई गलती नहीं की। यह भारत के लिए विजयी गोल साबित हुआ। अंतिम मिनट में मेजबानों को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन आकाश ने एक बार फिर शानदार बचाव करते हुए मेजबानों को बराबरी से रोक दिया और भारत की जीत सुनिश्चित की।
Courtesy:jagran.com
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