उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ गठबंधन कर सकती है। पार्टी के ज्यादातर मौजूदा विधायकों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गठबंधन में चुनाव लड़ने की सलाह दी है। राहुल गांधी ने भी माना कि पार्टी के ज्यादातर विधायक गठबंधन के पक्ष में हैं।
प्रदेश में संगठन की स्थिति और चुनावी रणनीति पर चर्चा के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सभी विधायकों के साथ बैठक की। पार्टी उपाध्यक्ष ने पहले अलग-अलग सभी विधायकों से मुलाकात की फिर सभी से एकसाथ बातचीत की। इस दौरान ज्यादातर विधायकों ने विधानसभा चुनाव में गठबंधन की सलाह दी है। पार्टी के कई विधायक चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन किया जाए। कुछ विधायकों की राय थी कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अलग होते हैं तो उनके साथ गठबंधन किया जा सकता है।
एक विधायक ने कहा कि मौजूदा स्थिति में बिहार की तर्ज पर महागठबंधन में चुनाव लड़ना चाहिए। बैठक में समाजवादी पार्टी में चल रहे विवाद का भी जिक्र हुआ और कुछ विधायकों ने कहा कि वे यह जानना चाहते हैं कि यादव परिवार एक रहेगा या टूट जाएगा। बैठक में मौजूद पार्टी महासचिव और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने यूपी के कांग्रेस विधायकों को 24 कैरेट का करार दिया। दरअसल, पिछले कुछ माह में पार्टी के कई विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़ दूसरे दलों में चले गए हैं। बैठक में पार्टी के यूपी अध्यक्ष राज बब्बर भी मौजूद रहे।
क्या है विकल्प
- कांग्रेस के ज्यादातर विधायक और टिकट के दावेदार बसपा के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। पार्टी की दलील है कि इससे मुस्लिम और ब्राह्मण वोट एकजुट हो जाएगा।
- कई विधायक और दावेदार समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के भी पक्ष में हैं। उनकी दलील है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की साफ छवि का फायदा मिल सकता है।
Courtesy:livehindusthan.com
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