नई दिल्ली
अंतिम ओवरों में हार्दिक पंड्या की शानदार बल्लेबाजी भी भारत को जीत नहीं दिला पाई और आखिर न्यू जीलैंड को अपने भारत दौरे पर पहली जीत मिल ही गई। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर न्यू जीलैंड ने भारत को 6 रनों से हरा दिया। 13 वर्षों में यह न्यू जीलैंड की भारतीय जमीन पर यह पहली जीत है।
कीवी कप्तान केन विलियमसन ने शानदार शतक लगाकर अपनी टीम की जीत की आधार रखी। भारत के लिए केदार जाधव ने सबसे ज्यादा 41 और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 39 रन बनाए। टिम साउदी ने 3, मार्टिन गप्टिल और ट्रेंट बोल्ट ने दो-दो विकेट लिए। मिशेल सेंटनर और मैट हेनरी को 1-1 विकेट मिया। 5 मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबर हो गई है। भारत ने धर्मशाला में खेला गया पहला वनडे 6 विकेट से जीता था। अगला वनडे 23 अक्टूबर को मोहाली में खेला जाएगा।
243 रनों का लक्ष्य यूं तो वनडे में बड़ा नहीं था लेकिन न्यू जीलैंड ने अपनी शानदार गेंदबाजी और फील्डिंग के दम पर भारत के लिए इसे असंभव बना दिया। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारतीय बल्लेबाजी ज्यादातर वक्त बिखरी नजर आई। जाधव और धोनी की साझेदारी ने एक वक्त उम्मीद जगाई पर उनके आउट होते ही भारत की हार लगभग तय होती नजर आने लगी।
कीवी गेंदबाजों ने कसी हुई शुरुआत की। रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाणे की जोड़ी मेट हेनरी और ट्रेंट बोल्ट की गेंदों पर खुलकर नहीं खेल पाए। भारत को पहला झटका 8वें ओवर की पहली गेंद पर रोहित शर्मा के रूप में लगा जब ट्रेंट बोल्ट की एक बाहर जाती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में विकेटकीपर ल्यूक रोंकी को कैच थमा बैठे।
रहाणे का साथ देने आए विराट कोहली ने एक चौका लगाकर भारतीय खेमे में उम्मीद जताई। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि कोहली अपने घरेलू मैदान पर भारत को जीत दिलाएंगे मगर यह नहीं हो सका। लेफ्ट आर्म स्पिनर मिशेल सेंटनर की लेग स्टंप से बाहर जाती गेंद पर कोहली बल्ला अड़ा बैठे और रोंची ने अच्छा कैच पकड़ा। कोहली ने 13 गेंदों पर केवल 9 रन बनाए। रहाणे और मनीष पांडे ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 32 रन जोड़े। टीम का स्कोर जब 72 रन था तब रहाणे खुद पर काबू नहीं रख पाए और टिम साउथी की गेंद पर पुल करने के प्रयास में लेग साइड बाउंड्री पर खड़े कोरी एंडरसन को कैच थमा बैठे। अपनी 49 गेंदों की पारी मे रहाणे ने तीन चौकों की मदद से 28 रन बनाए। भारत की पारी तब और संकट में आ गई जब स्कोर में एक रन और जोड़कर मनीष पांडे रन आउट हो गए। पांडे ने 25 गेंदों पर एक छक्के की मदद से 19 रन बनाए।
भारत अब 4 विकेट पर खो चुका था और स्कोर था महज 73 रन। यहां से कप्तान धोनी का साथ देने आए केदार जाधव। जाधव पिछली बार जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के साथ थे। वहां उन्होंने शानदार शतक लगाया था। यहां भी वह अच्छी लय में नजर आए। उन्होंने कीवी गेंदबाजों और फील्डर्स को छकाए रखा। उन्होंने धोनी के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 66 रन जोड़े। जाधव ने अपनी पारी में दो चौके और सेंटनर की गेंदों पर दो छक्के भी लगाए। यह साझेदारी भारतीय पारी को पटरी पर लाती नजर आ रही थी कि तभी 139 के स्कोर पर जाधव मेट हेनरी की एक गेंद को विकेटकीपर के पास के खेलने के असफल प्रयास में आउट गए। जाधव ने 37 गेंदों पर 41 रन बनाए। मैदान पर ओस के कारण कीवी गेंदबाजों विशेषकर स्पिनर्स के लिए बोलिंग करना आसान नहीं था लेकिन कीवी कप्तान ने अपने गेंदबाजों का अच्छा मिश्रण किया। उनके गेंदबाजों ने गति और लेंथ का अच्छा उपयोग किया।
भारतीय कप्तान धोनी जो आज बड़ी पारी खेलने के मूड में लग रहे थे लेकिन टिम साउदी ने अपनी गेंद पर धोनी का शानदार कैच लपककर भारतीय उम्मीदों को करारा झटका दिया। धोनी गेंद को मिडऑन पर खेलकर एक रन चुराना चाहते थे लेकिन गेंद रुककर आई और साउदी ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। धोनी
Courtesy: indiatimes.com
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