लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साहित्य, फिल्म, विज्ञान, पत्रकारिता, संस्कृति, संगीत, नाटक, खेल, सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाली 73 हस्तियों को आज यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया, लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव इस मौके पर मौजूद नहीं थे. हालांकि करीब दशक भर पहले मुलायम ने ही इन पुरस्कारों को शुरू किया था.
ये पुरस्कार साहित्य, समाजसेवा, चिकित्सा, फिल्म, विज्ञान, पत्रकारिता, हस्तशिल्प, संस्कृति, शिक्षण, संगीत, नाटक, खेल, उद्योग और ज्योतिष क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाली हस्तियों को दिया जाता है.
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पुरस्कार उनके पिता सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने 1994-95 में शुरू किया था. पिछली सरकार ने यश भारती सहित सभी पुरस्कारों और सम्मानों पर रोक लगा दी थी, जिसे सपा सरकार ने फिर से शुरू किया.
पुरस्कार पाने वाले नामचीन लोगों में बेगम हमीदा हबीबुल्लाह को समाजसेवा, बशीर बद्र को उर्दू साहित्य, संतोष आनंद संगीत, केवल कुमार को संगीत निर्देशक, नसीरूददीन शाह को अभिनय, पंडित विश्वनाथ को शास्त्रीय संगीत, सौरभ शुक्ला को अभिनय, मोहम्मद असलम वारसी को कव्वाली, पीयूष चावला को क्रिकेट और साबरी बंधु को कव्वाली के लिए ये सम्मान दिए गए हैं.
पुरस्कार स्वरूप विजेताओं को 11 लाख रूपये का चेक, शाल और प्रशस्ति पत्र दिए जाते हैं.
Courtesy:abplive.com
No comments:
Post a Comment