Wednesday, 26 October 2016

वर्ल्‍ड बैंक की 'डूइंग बिजनस' लिस्‍ट में फिर पिछड़ा भारत, मिला 130वां नंबर

वॉशिंगटन
व्यापार सुगमता के मामले में वर्ल्‍ड बैंक की तरफ से जारी लिस्‍ट में इस साल भी भारत को झटका लगा है। भारत इस साल लिस्‍ट में 130वें नंबर पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने निर्माण परमिट, कर्ज हासिल करने और अन्य मानदंडों के संदर्भ में नाममात्र या कोई सुधार नहीं किया है। इस लिस्‍ट में न्‍यू जीलैंड पहले नंबर पर है जबकि पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान 144वें नंबर पर है।

विश्वबैंक की ताजा 'डूइंग बिजनस' रिपोर्ट में भारत की स्थिति में पिछले साल के मुकाबले कोई सुधार नहीं हुआ है। विभिन्‍न मानदंडों के आधार पर भारत 190 देशों में 130वें पायदान पर था। हालांकि पिछले साल की रैंकिंग को संशोधित कर 131वां कर दिया गया है। इस लिहाज से देश ने एक पायदान का सुधार किया है।

सरकार व्यापार सुगमता के लिए प्रयास कर रही है और उसका लक्ष्य देश को शीर्ष 50 में लाना है। विश्वबैंक की ताजा लिस्‍ट में रैंकिंग में कोई सुधार नहीं होने को लेकर भारत सरकार ने निराशा व्यक्त की और कहा कि रिपोर्ट में उन 12 प्रमुख सुधारों पर विचार नहीं किया गया जिसे सरकार कर रही है। अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और बेहतर गतिविधियों के बीच अंतर को मापने वाला 'डिस्टेंस टू फ्रंटियर' के लिए 100 अंक हैं। इसमें भारत को इस साल 55.27 अंक मिला जो पिछले साल 53.93 था।

भारत एकमात्र देश है जिसके रिपोर्ट में एक बॉक्‍स है और जिसमें जारी आर्थिक सुधारों की बातें हैं। विश्वबैंक की 'डूइंग बिजनस' 2017 की लिस्‍ट में न्यू जीलैंड पहले स्थान पर जबकि सिंगापुर दूसरे पायदान पर है। उसके बाद क्रम से डेनमार्क, हॉन्‍गकॉन्‍ग, दक्षिण कोरिया, नॉर्वे, ब्रिटेन, अमेरिका, स्वीडन और पूर्व यूगोस्लाव मैसिडोनिया गणराज्य का स्थान है। सूची में पाकिस्तान 144वें स्थान पर है। सुधारों को आगे बढ़ाने के आधार पर 10 प्रमुख देश ब्रुनेई दारुसलाम, कजाकिस्तान, केन्या, बेलारूस, इंडोनेशिया, सर्बिया, जॉर्जिया, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन हैं।

Courtesy:indiatimes.com

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