नई दिल्लीः दीवाली आने में बस 3 दिन बाकी रह गए हैं. दीवाली पर सोने के दाम जहां बढ़ रहे हैं वहीं अब सरकार आपको सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है. इस समय सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाने का मौका है क्योंकि इसकी 6ठीं किस्त बाजार में खरीदारी के लिए खुली हुई है. 24 अक्टूबर से 2 नंवंबर तक खुले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत आप आवेदन कर सकते हैं. अब दीवाली के मौके पर सरकार इसमें आपको छूट भी दे रही है जिसके तहत 10 गाम सोने की खरीद पर पूरे 500 रुपये की छूट दी जा रही है. ये गोल्ड बॉन्ड 17 नवंबर को जारी किए जाएंगे. इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित बॉन्ड का मूल्य 3,007 रुपये प्रति ग्राम है, लेकिन छूट के बाद यह 2,957 रुपये प्रति ग्राम पर आपको मिल पाएगा. इस तरह 1 ग्राम पर 50 रुपये और 10 ग्राम पर आप 500 रुपये तक बचा सकते हैं. तो इस दीवाली आप सोने की खरीदारी पर शुभ खरीदारी के साथ थोडी बचत भी कर सकते हैं.
क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ‘ग्राम्स ऑफ गोल्ड में मूल्यांकित सरकारी सिक्योरिटीज हैं जो फिजिकल गोल्ड अपने पास रखने का एक विकल्प है. सरकार इस स्कीम के जरिए फिजिकल गोल्ड जैसे सोने के सिक्के, बिस्किट और बार, गहने की खरीदारी का चलन कम करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम लाई है.इसमें आपको कम से कम 2 ग्राम सोने की खरीदारी से शुरुआत करनी होगी और अधिकतम आप 500 ग्राम तक सोना खरीद सकते हैं. जानकारी के लिए बता दें कि अपने परिवार के सदस्यों में से प्रत्येक के नाम पर 500 ग्राम की खरीद कर सकते हैं.ये सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आरबीआई द्वारा जारी किए जाते हैं और इन्हें बेचा भी जा सकता है. या फिर आप चाहें तो स्टॉक एक्सचेंज में भी इन्हें ट्रेड कर सकते हैं.सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसबीजी) कम से कम 8 साल के लिए खरीदा जाता है लेकिन चाहें तो 5वें, 6ठे और 7वें साल में भी आप इसमें से एक्जिट ले सकते हैं. सबसे अच्छी बात है कि इसमें मिलने वाले पैसे और ब्याज दोनों पर सॉवरेन गारंटी दी जाती हैसॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के और तथ्य
इसके फॉर्म बैंक, नॉमिनेट पोस्ट ऑफिस और एजेंटों से लिए जा सकते हैं और इन्हें केवल भारतीय नागरिक या संस्थाएं ही खरीद सकती हैं. एसजीबी बॉन्ड जॉइंट होल्डिंग या नाबालिगों के नाम पर अभिभावको द्वारा भी लिए जा सकते हैं.बॉन्ड्स को एक्स्चेन्जों में ट्रेड किया जा सकता है ताकि इन्वेस्टर्स समय से पहले भी अगर चाहें तो एग्ज़िट कर लें.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सॉवेरेन गोल्ड बॉन्ड्स में कैपिटल गेन टैक्स व्यवहार, एकल निवेशक के लिए फ़िज़िकल गोल्ड जैसा ही होगा. रेवेन्यू डिपार्टमेन्ट ने कहा है कि वे इन्डेक्ज़ेशन बेनिफिट को मानेंगे यदि बॉन्ड, मच्योरिटी से पहले ट्रांसफर किया जाता है और रिडम्पशन के समय कैपिटल गेन टैक्स पर छूट की शर्त को पूरा करता है.रिडंपशन के समय, निर्धारित किए गए नियम के अनुसार, प्रचलित भाव को रेफरंस रेट के रुप में लिया जा सकता है. रुपये के बराबर रकम इश्यू और रिडंपशन पर RBI रेफरंस रेट पर कन्वर्ट की जा सकती है.इसे रिजर्व बैंक की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है. बैंक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी देते हैं. सॉवेरेन गोल्ड बॉन्ड्स रुपयों के भुगतान करने (नकदी) पर जारी किए जाते हैं. गोल्ड के विभिन्न ग्रामों में ये मूल्यांकित होंगे.
गोल्ड बॉन्ड खरीदते के लिए क्या डॉक्यूमेंट लगेंगें?
इस गोल्ड बॉन्ड के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड या TAN (टैक्स डिडक्शन ऐंड कलेक्शन अकाउंट) या पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड अपने पास रखें. जारी करने वाले बैंक या डाक घर या फिर एजेंट, जिसके जरिए भी आप गोल्ड बॉन्ड खरीदेंगे वो इसके लिए आपका केवाईसी करेगा.
ब्याज की दर क्या होगी और ब्याज कैसे किया जाएगा?
प्रारंभिक निवेश की राशि पर प्रतिवर्ष 2.75 फीसदी (फिक्स्ड दर) के अनुसार, बॉन्ड पर ब्याज का भार होता है. ब्याज निवेशक के बैंक खाते में हाफ-ईयरली जमा किया जाएगा और अंतिम ब्याज मूलधन के साथ मैच्योरिटी पर आपको मिल पाएगा. मगर, जान लें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने में जोख़िम भी है. यदि गोल्ड के बाजार मूल्य में गिरावट आती है तो पूंजी नुकसान (कैपिटल लॉस) का खतरा हो सकता है. हालांकि, निवेशक गोल्ड की उन यूनिटों के संबंध में कुछ नहीं खोता जिनके लिए उसने भुगतान किया है.
Courtesy:abplive.in
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