Friday, 1 April 2016

ट्वीटर वार: कन्हैया के बयान पर किरण खेर ने दिया जवाब

नर्इ दिल्ली: जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपने दंगों वाले बयान को लेकर बीजेपी सांसद किरण खेर के निशाने पर आ गए है । सांसद किरण खेर ने ट्वीट कर कन्हैया से पूछा है कि क्या आपका जमीर मर गया है? किरण ने लिखा कि कन्हैया के माता-पिता गरीबी में जी रहे हैं। वह 28 साल का हो गया है और पीएचडी करने के नाम पर जेएनयू में जमा बैठा है।

किरण ने ट्वीट के जरिए कहा कि कन्हैया को यहां राजनीति नहीं बल्कि नौकरी कर अपने माता-पिता की स्थिति सुधारनी चाहिए। राजनीति तो वो बाद में भी कर सकता है। किरण ने कहा कि कन्हैया जैसे लोग सच्चाई से कोसों दूर हैं, उन्हें ये शायद पता ही नहीं कि वर्ष 1984 के सिख दंगों के मामले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चला है। किरण खेर ने इससे संबंधित कई ट्वीट भी किये हैं।

गौरतलब है कि कन्हैया ने कहा था कि 1984 का सिख विरोधी दंगा ‘भीड़ के नेतृत्व में नरसंहार’ था जबकि 2002 गुजरात दंगा एक ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ थी। गुजरात में 2002 में हुए दंगों और 1984 के सिख विरोधी दंगों में फर्क होने पर जोर देते हुए कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि गुजरात हिंसा सरकारी मशीनरी की मदद से की गई जबकि दूसरा भीड़ के उन्माद में हुआ। बाद में वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों पर अपने बयानों के लिए आलोचना का सामना कर रहे जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार नुकसान की भरपाई की कोशिश करते नजर आए और कहा कि वह हर नरसंहार के खिलाफ लड़ेंगे। दिल्ली के जंतर मंतर पर जुलूस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम नरसंहार के खिलाफ लड़ेंगे चाहे बथनी टोला नरसंहार हो, 1984 का दंगा हो या फिर 2002 का दंगा। हम साथ मिलकर उसके खात्मे के लिए लड़ेंगे और हम सुनिश्चित करेंगे कि न्याय और समाज के पक्ष में यह खत्म हो।

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