Friday, 1 April 2016

पीलीभीत मुठभेड़ कांड में 47 पुलिसकर्मी अदालत से दोषी करार

पीलीभीत मुठभेड़ कांड में 47 पुलिसकर्मी अदालत से दोषी करार

लखनऊ। सीबीआई के विशेष न्यायालय ने 25 वर्ष पहले के मामले में आज 47 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है। पीलीभीत फर्जी मुठभेड़ कांड में लखनऊ में सीबीआई कोर्ट ने यह फैसला दिया। इस मामले में सजा के बिंदुओं पर चार को फैसला होगा और इसी के बाद सजा सुनाई जाएगी।

सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश लल्लू सिंह ने पीलीभीत में 25 वर्ष पहले हुए एक फर्जी मुठभेड़ कांड में वहां पर तैनात 47 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है। 20 पुलिस कर्मी सुनवाई के समय मौजूद थे। इनको फौरन जेल रवाना कर दिया गया जबकि 27 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। अब इनके खिलाफ सजा चार अप्रैल को मुकर्रर की जाएगी।

यह मुठभेड़ में यह मुठभेड़ पीलीभीत के तीन थाना क्षेत्रों में हुई थी। इसमें 11 सिख तीर्थयात्रियों को उग्रवादी बताकर मार डाला गया था। सीबीआई जांच में मुठभेड़ फर्जी पाई गई। इसके बाद 57 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, हत्या और साजिश रचने आदि की संगीन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई थी। 25 वर्ष के दौरान इसमें से 10 पुलिस वालों की मौत हो गयी। बचे 47 मुल्जिमों को आज सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है।

12 जुलाई, 1991 को नानकमथा, पटना साहिब, हुजूर साहिब व अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हुए 25 सिख तीर्थ यात्रियों का जत्था वापस लौट रहा था, जब सुबह करीब 11 बजे पीलीभीत जिले के कछालाघाट पुल के पास पुलिस ने इन यात्रियों की बस यूपी-26, 0245 रोक ली। इनमें से 11 सिख तीर्थ यात्रियों को बस से उतार लिया गया। जिन्हें मुठभेड़ बताकर मार डाला गया।

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