Monday, 4 April 2016

बाजार को उम्मीद, मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में होगी 0.50 प्रतिशत की कटौती

बाजार को उम्मीद, मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में होगी 0.50 प्रतिशत की कटौती

मुद्रास्फीति के नियंत्रण में आने और सरकार द्वारा अपनी राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर कायम रहने के मद्देनजर बाजार उम्मीद कर रहा है कि रिजर्व बैंक 2016-17 की अपनी पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। नई मौद्रिक नीति मंगलवार को आनी है। 

सरकार ने शॉर्ट टर्म बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.3 प्रतिशत तक की कटौती की है। इससे रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में कमी की गुंजाइश बनी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए। 

जेटली ने कहा, 'सभी यही चाहते हैं। यदि अभी ब्याज दरें घटती हैं तो इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी, क्योंकि आपको अधिक मजबूत अर्थव्यवस्था की जरूरत है और आपको अधिक प्रतिस्पर्धी लागत वाली पूंजी चाहिए।' 

बैंकर्स का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है जबकि मुद्रास्फीति करीब पांच प्रतिशत पर है। बैंक आफ महाराष्ट्र के चेयरमैन और एमडी सुशील मनहोट ने कहा कि मुद्रास्फीति कम होने की वजह से रिजर्व बैंक ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कटौती कर सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक अधिकारी का कहना है कि बाजार मानकर चल रहा है कि 0.25 फीसद की कटौत

हालांकि, इस बात की भी काफी संभावना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की कटौती कर सकता है। उद्योग मंडल भी ब्याज दरों में 0.5 प्रतिशत कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। एसोचैम ने कहा, '0.25 प्रतिशत की कटौती मानकर चल रहे हैं। लेकिन कर्ज की लागत में कमी का वास्तविक प्रभाव तभी पता चलेगा जबकि रिजर्व बैंक साहसी फैसला करते हुए ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की कटौती करता है।

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