उत्तराखंड में एक ही दिन में जगहों पर आग गांवों तक पहुंची
राज्य में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जंगलों को स्वाह करने के बाद आग अब गांवों तक पहुंचने लगी है। आग बुझाने के दौरान अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी हैं और महिला समेत 14 लोग झुलस चुके हैं।
राज्य में गुरुवार को एक ही दिन में 120 स्थानों पर भड़की आग ने पौने दो सौ हेक्टेयर क्षेत्र को अपने चपेट में ले लिया। वन विभाग के पास आग पर काबू पाने के पूरे इंतजाम नहीं होने के कारण ग्रामीण खुद गांवों को आग से बचाने में जुटे हुए हैं।
पौड़ी में सात यात्री झुलसे: पौड़ी से कोटद्वार जा रही एक जीप जंगल की आग में घिर गई। खुद को बचाने के लिए जीप से निकलकर भाग रहे सात यात्री झुलस गए। हालांकि जीप में बैठे अन्य पांच यात्री सुरक्षित है। इन सभी को जिला अस्पताल लाया गया। सीएमएस डॉं. यूएस कंडवाल ने बताया है कि 60 फीसदी झुलसी एक महिला को रेफर किया गया है।
राज्य को अग्नि आपदा पीडित घोषित करें: रावत
निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्यपाल को पत्र भेजकर उत्तराखंड को अग्नि-आपदा पीडित घोषित करने की मांग की। रावत ने आग पर काबू पाने के लिए राज्यपाल को सुझाव भी दिए हैं।
जंगलों की आग से तापमान बढ़ा
मौसम विभाग के निदेशक डां. बिक्रम सिंह ने बताया कि जिस क्षेत्र में आग लगी होती है वहां के तापमान में चार से पांच डिग्री तक वृद्धि हो जाती है। इसके साथ ही वनाग्नि से धुंध रहती है। जो बारिश से ही छटती है। उतराखंड में पड़ रही तेज गर्मी में जंगल की आग भी एक कारण हो सकता है।
राज्यपाल ने जनता से सहयोग मांगा
राज्यपाल डॉं. केके पॉल ने आग पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त धन जारी करने और कर्मचारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने आग पर जल्द से जल्द नियंत्रण करने के लिए प्रभावी इंतजाम करने को भी कहा। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल की आग पर काबू पाने के लिए सहयोग की अपील की है।
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