इकलाख के भाई का सीएम को खत, कहा-'जहां पंचायत हुई वहीं हुए दंगे'
नोएडा। बिसाहड़ा कांड की सीबीआइ जांच और फारेंसिक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर दस अप्रैल को होने वाली साठा चौरासी की महापंचायत स्थगित कर दी गई है। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रशासन की अपील पर पंचायत को स्थगित किया।
वहीं इकलाख के भाई जमील ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि साठा चौरासी की पंचायत आगे चलकर दंगे का रूप ले सकती है। इसे किसी भी तरह से रोका जाना चाहिए। पत्र में पूर्व में जिन जिलों में पंचायत के बाद दंगे हुए हैं, उनका उल्लेख भी किया गया है।
महापंचायत से जिले का माहौल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलावे पर हैदराबाद ट्रेनिंग से बीच में ही वापस लौटे जिलाधिकारी एनपी सिंह ने ग्रामीणों के साथ वार्ता कर उन्हें ठोस आश्वासन दिया। डीएम के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने भी प्रशासन की बात मान ली है।
कुछ दिनों पहले पुलिस ने 63 ग्रामीणों के मुचलके भरवाए थे, इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी। इन मुचलकों को भी वापस ले लिया गया है। ग्रामीणों ने एलान किया है कि यदि उनकी मांग पर यदि गंभीरता नहीं दिखाई गई तो एक महीने बाद साठा चौरासी की पंचायत होगी।
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