Friday, 29 April 2016

चिली के सीनेटर की हत्यारोपी के प्रत्यर्पण को हरी झंडी

नई दिल्ली, प्रेट्र । सुप्रीम कोर्ट ने भारत और चिली के बीच अनिवार्य प्रत्यर्पण संधि का उल्लेख करते हुए फ्रांसिसी महिला की अर्जी खारिज कर दी। चिली के एक सीनेटर की 1991 में हुई हत्या में शामिल होने के आरोप में जेल में बंद फ्रांसिसी महिला को प्रत्यर्पित किया जाना है।

जस्टिस एमबी लोकुर और एनवी रमना की पीठ ने कहा, 'उपलब्ध सामग्री के आधार पर हमने पाया है कि भारत और चिली के बीच अनिवार्य प्रत्यर्पण संधि है। प्रत्यर्पण अधिनियम 1962 के प्रावधान रिपब्लिक ऑफ चिली के लिए लागू है। प्रत्यपर्ण संधि में उल्लिखित अपराध की दशा में प्रावधान लागू होता है।'

पीठ ने पटियाला हाउस अदालत के दंडाधिकारी को मैरी एमैनुएल वेर्होवेन के प्रत्यर्पण से संबंधित कार्यवाही पर उपलब्ध कराई गई सामग्री और योग्यता के आधार पर फैसला लेने का निर्देश दिया। पीठ ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई। पीठ ने कहा कि यह महसूस करना जरूरी है कि भारत अब विश्व मंच पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

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