Friday, 29 April 2016

हजार भारतीयों को जापान देगा नौकरी

जापान बहुत जल्द अपने देश की नीतियों में कई बड़े बदलाव करने के साथ भारतीय छात्रों के लिए नौकरी के दरवाजे खोलने जा रहा है। लगातार कम होती जनसंख्या से जूझ रहे जापान को अब अपने यहां नौजवनों की कमी खल रही है, जिसका सीधा फायदा अब भारतीय छात्रों को मिल रहा है। दरअसल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के चलते जापान में कर्मचारियों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। यही कारण है कि जापान सरकार ने कर्नाटक के कई विश्वविद्यालय का दौरा कर राज्य के 40 हजार छात्रों को नौकरी देने पर अपनी हामी भर दी है।

बन रही नई नीति 
इस हफ्ते की शुरुआत में सत्ताधारी उदार लोकतांत्रिक पार्टी यानी एलडीपी ने प्रस्ताव पेश किया कि किस तरह के नौकरियों में विदेशी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इस कदम के बाद जापान में विदेशी कर्मचारियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जो अभी करीब दस लाख है। प्रधानमंत्री शिंजो अबे के मुताबिक नीति में बड़े बदलाव की जरूरत है, इसके बिना कर्मचारियों की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता।

कर्नाटक के 40 हजार छात्रों को मौका
भारत से बड़ी भर्तियों का दौर शुरू हो गया है। जापान सरकार 40 हजार कर्नाटक के इंजीनियर छात्रों को नौकरी देने जा रही है। इसके लिए जापान सरकार के प्रतिनिधियों ने राज्य की यूनिवर्सिटी का दौरा किया है। जापान में अभी अकुशल श्रमिकों को वीजा मिलना मुश्किल है, इसलिए यहां सिर्फ 1.4 फीसदी विदेशी कर्मचारी हैं। जबकि दूसरी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में पांच फीसदी विदेशी कर्मचारी हैं। नई नीति में अकुशल श्रमिक शब्द हटाया जा सकता है। वहीं ज्यादा से ज्यादा विदेशी प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देकर विकासशील देशों के साथ तकनीक साझा की जाएगी।

आव्रजन नीतियों में होगा बदलाव
जापानी राजनेताओं का मानना रहा है कि ज्यादा प्रवासी देश की सांस्कृतिक एकरूपता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।  स्थानीय लोगों में नौकरियां खोने का डर भी बढ़ जाता है। इससे वोट खिसने का खतरा होता है। इन कारणों के चलते जापान लंबे समय से कठोर आव्रजन नीतियों को बदलने को तैयार नहीं था। जबकि यह देश दस साल से कर्मचारियों की कमी का संकट झेल रहा है। अब भी राजनेता आव्रजन नीति में बिना किसी बड़े बदलाव के ज्यादा से ज्यादा विदेशी कर्मचारियों को अपने देश बुलाना चाहते हैं।

यहां हैं रोजगार के अवसर
- सेवा, निर्माण, पायलट एवं अन्य विमानन कर्मचारी, खुदरा विक्रेता, ट्रक ड्राइवर और रेस्तरां 
- 02 नए क्षेत्र नर्सिंग और कृषि क्षेत्र में भी दिया जाएगा विदेशियों को मौका
- 05 साल के लिए मिलेगा शुरुआत में वीजा, फिर बढ़ेगी अवधि

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