खुलासा : नहीं मिल रही शराब तो कफ सिरप के धंधे ने पसारे पांव
सासाराम। एक अप्रैल से बिहार में लागू शराबबंदी के बाद अब सूबे में कफ सिरप के धंधे ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नगर थाना क्षेत्र के बौलिया रोड स्थित संकठा ट्रांसपोर्ट एजेंसी में शनिवार को छापेमारी कर 15 हजार बोतल कोरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। इस धंधे में शामिल तस्करों की पहचान कर ट्रांसपोर्टर पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ब्यूरो के एसपी विकास कुमार ने बताया कि वाराणसी से 15 हजार बोतल कोरेक्स सिरप सासाराम भेजने की सूचना मिली थी। उनके नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। शनिवार को संकठा ट्रांसपोर्ट में सिरप आने की सूचना पर छापेमारी कर उसे जब्त कर लिया गया।
एसपी ने कहा कि कोरेक्स को यहां से गया भेजने की योजना थी, जिसके लिए पेटियों पर तीन अलग-अलग कोडिंग की गयी है। वाराणसी में किसके पास से कोरेक्स लाया गया व गया में किसे भेजा जाना था, इसकी जांच की जा रही है।
वहीं ब्यूरो के आईओ चंद्रशेखर ने बताया कि कोरेक्स को बंग्लादेश व नेपाल में तस्करी के लिए भेजा जाता है, जहां निर्घारित मूल्य 97 रुपए से काफी अधिक दाम पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए तस्करों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। जिसपर एनएसबी लगातार नजर रखी हुई है।
कोरेक्स की जब्ती सूची व प्राथमिकी के लिए जिला जज के कोर्ट में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई। प्रारंभिक जांच में यह असली कारेक्स सिरप लग रहा है। हालांकि बरामद कोरेक्स का सैंपल जांच के लिए सेंट्रल लेबोरेटरी कोलकाता भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
रोहतास एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि एनएसबी को पुलिस जांच में सहयोग कर रही है। राज्य में कोरेक्स डॉक्टर के प्रेस्क्रिप्शन पर वैध दुकानों को बेचने की अनुमति है। ट्रांसपोर्टर से कोरेक्स का बिल्टी व अन्य कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अगर बिल्टी उपलब्ध नहीं कराया गया तो ठोस कार्रवाई होगी। राज्य में शराबबंदी के बाद नशा के विकल्पों पर भी नजर रखी जा रही है।
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