Friday, 1 April 2016

अब आतंकवादियों की नागरिकता नहीं खत्म करेगा फ्रांस

पैरिस
फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने आतंकवादी हमलों में दोषी पाए जाने वाले आतंकियों की फ्रांसीसी नागरिकता छीनने के लिए संविधान संशोधन करने की योजना को निरस्त कर दिया है। संसद के दो सदनों के इस सुधार पर सहमत न हो पाने के बाद ओलांद ने कहा, 'ऐसा लगता है कि इस पर समझौता होना मुश्किल है।' पिछले साल नवंबर में पेरिस में 130 लोगों की जान लेने वाले चरमपंथी हमले के बाद यह प्रस्ताव आया था लेकिन इसका बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया और इसकी वजह से फरवरी में कानून मंत्री क्रिस्चियान तॉबिरा को इस्तीफा देना पड़ा था।

इससे पहले फ्रांस की संसद में संविधान में विवादित बदलाव के लिए वोटिंग हुई थी। इस बदलाव के तहत राज्य को शक्ति दी जाने वाली थी कि वे संदिग्ध आतंकियों की नागरिकता को रद्द कर सकेंगे। इसके समर्थन में 317 वोट और विरोध में 199 वोट पड़े थे। इसके तहत इमर्जेंसी की स्थिति में नई सिक्यॉरिटी ताकत सुनिश्चित की जाने वाली थी। इससे पहले इस मामले में दोषी ठहराए गए अतिवादी की फ्रेंच नागरिकता खत्म करने के मामले में पक्ष में 162 वोट पड़े थे और विरोध में 148 वोट।

फ्रांस के प्रधानमंत्री मनवेल वाल्स ने कहा था कि लंबी बहस में नैशनल असेंबली के इस फैसले को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा था कि यह सुधार देश और देशवासियों की सुरक्षा के लिए है। मनवेल ने कहा था, 'मुझे कोई शक नहीं है कि सेनेट इस मामलें में एकजुटता नहीं दिखाएगी। यह एक रिपब्लिक और देश के रूप में फ्रांस के लिए बढ़िया दिन है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी एकता के लिए यह जरूरी था।'

यदि यह कानून पास हो जाता तो आतंकवाद से जुड़े मामलों में किसी नागरिक की जज द्वारा नागरिकता खत्म की जा सकती थी। ऐसा केवल आतंकवाद से जुड़े मामलों में ही होगा। अभी यह बिल सेनेट में पास होना बाकी था। दोनों सदनों में इसे 60 पर्सेंट बहुमत से पास करना था लेकिन नहीं हो पाया।

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