सेना को मिलेंगी 50 हजार बुलेटप्रूफ जैकेट्स लेकिन जरूरत 3.50 लाख की
नई दिल्ली। भारतीय सैनिकों के लिए तीन लाख 53 हजार 765 बुलेट प्रूफ जैकेट्स की सख्त जरूरत है। आपात जरूरत को ध्यान में रखते हुए ऐसी 50 हजार जैकेट्स खरीदने के लिए 140 करोड़ रुपए का सौदा किया गया है।
सैनिकों को इसी साल अगस्त से ये जैकेट्स मिलने शुरू हो जाएंगे और जनवरी 2017 तक सभी जैकेट्स की डिलेवरी कर दी जाएगी। मगर, यह काम होने में 10 साल का समय लग गया। भारतीय सेना ने टाटा समूह के टाटा अडवांस मटीरियल लिमिटेड को 50 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने का ऑर्डर दिया है।
10 लाख से अधिक संख्या बल वाली सेना के आधुनिकीकरण की जरूरत को ध्यान में रखकर नवंबर 2014 में मनोहर पर्रिकर ने जैकेटों के लिए व्यवस्था के निर्देश दिए थे। रक्षा मंत्री का पद संभालने के साथ ही पर्रिकर ने आपात अंतरिम खरीद के लिए अनुमति दी थी।
अक्टूबर 2015 में छह वेंडरों द्वारा बनाए 1.86 लाख मॉड्यूलर जैकेट को फील्ड परीक्षण में अनुपयुक्त करार दिया गया था। कम वजन वाली नई जैकेट सिर, गले, छाती और बगलों की सुरक्षा कर सकने में सक्षम होगी।
इसके साथ ही कम वजन की इन जैकेट से सैनिकों को मुश्किल क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान एक जगह से दूसरी जगह जाने में भी परेशानी नहीं होगी। फिलहाल जवानों को बड़े ऑपरेशनों के लिहाज से कम गुणवत्ता भारी बुलेटप्रूफ जैकेट से ही काम चलाना पड़ रहा है।
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