कोहली के कमाल के बाद भी हारा भारत, वेस्टइंडीज़ फ़ाइनल में
वर्ल्ड टी-20 के दूसरे सेमीफ़ाइनल में वेस्टइंडीज़ ने भारत को रोमांचक मैच में 7 विकेट से हराकर दूसरी बार फ़ाइनल का टिकट हासिल किया। 51 गेंदो पर 83 रनों की आतिशी पारी के लिए लिंडल सिमंस को लगातार 'मैन ऑफ़ द मैच' से नवाज़ा गया।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टॉस जीतकर वेस्टइंडीज़ ने भारत को पहले बल्लेबाज़ी का न्यौता दिया, भारतीय क्रिकेट टीम ने सेमीफ़ाइनल मैच के लिए प्लेइंग-11 में दो बदलाव किए। चोटिल युवराज सिंह की जगह मनीष पांडे को मौक़ा मिला, तो ऑउट ऑफ़ फ़ॉर्म शिखर धवन की जगह अजिंक्या रहाणे को शामिल किया गया।
रोहित शर्मा और रहाणे की इस टूर्नामेंट में नई सलामी जोड़ी ने टीम इंडिया को शानदार आग़ाज़ दिलाया, दोनों ने मिलकर पहले 6 ओवर में भारत का स्कोर 55 रन तक पहुंचा दिया था। रोहित शर्मा अपने घरेलू मैदान में ज़बर्दस्त लय में दिख रहे थे, लेकिन सैमुअल बद्री ने रोहित को अर्धशतक से महरूम कर दिया। रोहित ने 31 गेंदो पर 3 चौके और 3 छक्कों के साथ 43 रन बनाए।
इसके बाद क्रीज़ पर आए, चमत्कारी पारी खेल कर भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचाने वाले विराट कोहली, शुरुआती लम्हों में विराट की लय अच्छी नहीं लग रही थी, लेकिन क़िस्मत कोहली का भरपूर साथ दे रही थी। एक ही गेंद पर दो बार कोहली का आसान सा रन आउट वेस्टइंडीज़ ने छोड़ दिया फिर एक कैच भी इस बल्लेबाज़ का लपक पाने में वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी नाकाम रहे।
वेस्टइंडीज़ के लिए शायद यही था मैच का टर्निंग प्वाइंट, इसके बाद विराट कोहली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और रहाणे के साथ मिलकर कैरेबियाई गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की। धवन की जगह पहली बार वर्ल्ड टी-20 में खेल रहे रहाणे ने मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया, हालांकि बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में रहाणे बाउंड्री लाइन पर लपके गए। रहाणे ने 35 गेंदो पर 40 रन बनाया, जिसमें दो चौके शामिल थे।
अब क्रीज़ पर थी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत दिलाने वाली जोड़ी यानी कोहली और कप्तान एम एस धोनी, ऐसा लग रहा था जैसे पिछले ही मैच से दोनों आगे खेल रहे हों। कैरेबियाई गेंदबाज़ों के पास कोहली और धोनी के शॉट का कोई तोड़ नहीं था। जिस तेज़ी से ये दोनों बल्लेबाज़ विकेट के बीच दौड़ रहे थे, वह हैरान करने वाला था।
कोहली ने 33 गेंदो पर पहले अपना अर्धशतक पूरा किया, कोहली का ये 16वां अर्धशतक था। इसके बाद कोहली ने गियर चेंज करते हुए चौकों की बारिश कर दी, एक वक़्त तो लगा कि कोहली अपना सैकड़ा और भारत को 200 के पार पहुंचा देंगे। लेकिन कोहली 47 गेंदो पर 89 रन बनाकर नाबाद रहे। जो अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में कोहली का दूसरा बेस्ट प्रदर्शन है।
9 गेंदो पर धोनी ने भी 15 रन की पारी खेली और भारत को दो विकेट के नुक़सान पर 192 रनों तक पहुंचा दिया। वर्ल्ड टी-20 में भारत का ये दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था, साथ ही साथ इस मैच में भारत ने हर एक विकेट के लिए 50 या उससे ज़्यादा की साझेदारी निभाई। पहले विकेट के लिए 62, दूसरे विकेट लिए 66 और कोहली और धोनी के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 64 रनों की साझेदारी हुई।
193 रनों का टार्गेट बड़ा तो था, लेकिन मुंबई की पिच और क्रिस गेल को देखते हुए होशियार रहने की ज़रूरत थी। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने एक ड्रीम शुरुआत दिलाई, पहले आशीष नेहरा ने अच्छा ओवर डाला फिर दूसरे ओवर की पहली गेंद पर जसप्रीत बुमराह ने गेंद ख़तरनाक क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर पैवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
गेल की विकेट के बाद भारतीय फ़ैंस की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, ऐसा लगा मानो आधी जीत भारत ने पहले ही हासिल कर ली हो। गेल 5 रन बनाकर आउट हो गए। इसके तुंरत ही बाद नेहरा ने मार्लन सैमुअल्स का विकेट लेकर भारत की झोली में दूसरी और अहम क़ामयाबी दिला दी थी। सैमुअल्स ने 8 रन बनाए।
जॉन्सन चार्ल्स और लिंडेल सिमंस ने वेस्टइंडीज़ की उम्मीदों को ज़िंदा रखा था और भारतीय गेंदबाज़ों की धुनाई कर रहे थे। आर अश्विन ने सिमंस को कैच आउट भी करा दिया था और भारतीय फ़ैंस ख़ुशी से झूम उठे थे, लेकिन अश्विन का पैर पॉपिंग क्रीज़ से बाहर आ गया था लिहाज़ा अंपायर ने नॉट आउट क़रार दिया और फ़्री हिट भी।
जिसका फ़ायदा उठाते हुए सिमंस और चार्ल्स ने प्रहार जारी रखा, और 10 ओवर ख़त्म होने के बाद वेस्टइंडीज़ का स्कोर 84 रनों तक पहुंचा दिया था। यानी बिल्कुल बराबरी की लड़ाई, भारत के भी 10 ओवर के बाद 86 रन थे। चार्ल्स लय में नज़र आ रहे थे और अर्धशतक की तरफ़ बढ़ रहे थे, जिनका शानदार साथ दे रहे थे सिमंस।
60 गेंदो पर वेस्टइंडीज़ को अब 109 रनों की दरकार थी और भारत को इस साझेदारी को तोड़ने की जल्द से जल्द ज़रूरत थी। चार्ल्स ने 30 गेंदो पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और भारतीय टीम और फ़ैंस के माथों पर शिकन ला दी थी। लेकिन तभी धोनी ने एक बार फिर सभी को चौंका देने वाला फ़ैसला लिया और गेंद कोहली को थमा दी। जिस पाटा विकेट पर बल्लेबाज़ आराम से रन बनाए जा रहे थे, उस पिच पर पहली ही गेंद पर कोहली ने चार्ल्स को पैवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
बल्ले के बाद कोहली ने गेंद से भी कमाल कर दिया था, हालांकि आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ़ से खेलने वाले सिमंस इस पिच पर अभी भी डटे हुए थे और अर्धशतक पूरा कर लिया था। सिमंस क़िस्मत के घोड़े पर सवार थे, पहले अश्विन की नो बॉल पर आउट हुए थे और फिर पांड्या की गेंद पर भी सिमंस आउट हुए लेकिन एक बार फिर नो गेंद पर।
आख़िरी 30 गेंदो में अब वेस्टइंडीज़ को 55 रनों की दरकार थी, जो मुंबई की इस बैटिंग पैराडाइज़ पर वेस्टइंडीज़ के पक्ष में जाता दिख रहा था। सिमंस को दो बार मिला जीवनदान भारत से जीत दूर ले जा रहा था, पहली बार इस टूर्नामेंट में खेल रहे सिमंस भारत की जीत में खड़े थे।
बुमराह की एक गेंद पर कोहली ने सिमंस का शानदार कैच लपकने की कोशिश की, लेकिन उस दौरान उनका पैर बाउंड्री लाइन को छू गया था, यानी ये तीसरा मौक़ा था जब सिमंस को जीवनदान मिला हो। इस गेंद पर 6 रन भी मिले। आख़िरी 12 गेंदो पर वेस्टइंडीज़ को 22 रनों की ज़रूरत थी। भारतीय फ़ैंस दुआ कर रहे थे और मुंबई में बैठे हज़ारों दर्शक और अरबों भारतीय पूरी दुनिया में भारत की जीत की दुआ कर रहे थे।
19वां ओवर धोनी ने जडेजा को दिया पहली 4 गेंदो पर जडेजा ने सिर्फ़ 2 रन दिए, लेकिन आख़िरी दो गेंदो पर 4 और 6 रन देकर जडेजा ने समीकरण अब आख़िरी ओवर में 8 रन बना दिया था।
धोनी ने आख़िरी ओवर कोहली को दिया, लेकिन सिमंस और आंद्रे रसेल ने नर्व पर कंट्रोल रखते हुए वेस्टइंडीज़ को 2 गेंद पहले ही जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज़ दूसरी बार फ़ाइनल में पहुंच गई, इससे पहले 2012 में वेस्टइंडीज़ ने फ़ाइनल में श्रीलंका को माद देकर वर्ल्ड टी-20 चैंपियन बनी थी।
भारत का सफ़र सेमीफ़ाइनल में रूक गया, भारत के लिए टर्निंग प्वाइंट बना अश्विन और पांड्या की वे दो नो बॉल जिसपर सिमंस को जीवनदान मिला और फ़ायदा उठाते हुए सिमंस ने 51 गैेंदो पर 83 रनों की नाबाद पारी खेली और मैन ऑफ़ द मैच रहे।
स्कोर कार्ड:
भारत 192/2 (कोहली 89*, रोहित 46)
वेस्टइंडीज़ 196/3 (सिमंस 83*, नेहरा 1/24)
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