Friday, 1 April 2016

देश में शिक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

देश में शिक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

देहरादून। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश में सात हजार विश्वविद्यालयों समेत 42 हजार से ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थान हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा देने वाले गिनती के संस्थान हैं। उन्होने कहा कि शिक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है। शोध अविष्कार और रचनात्मकता के साथ देश और समाज को दिशा देने वाली शिक्षा होनी चाहिए। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यह बात स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट (देहरादून) के दीक्षांत समारोह के दौरान कही।

आज स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट (देहरादून) का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इसमें शिरकत करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज शाम 4:10 पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से उनका काफिला स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी पहुंचा।

दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 288 नव स्नातकों को उपाधि प्रदान की। राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले नव स्नातकों से कहा कि जीवन में हर दिन इंसान स्नातक होता है। जीवन की चुनौतियों से हम हर रोज कुछ न कुछ सीखते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल डॉ. केके पाल ने की। कार्यक्रम में निवर्तमान सीएम हरीश रावत समेत तमाम सांसद मौजूद थे। इससे पहले राज्यपाल के सलाहकार प्रकाश मिश्रा व डीजीपी बीएस सिद्धू ने एडीजी कानून व्यवस्था एके रतूड़ी, एडीजी सतर्कता अशोक कुमार, आइजी संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी रविनाथ रमन व एसएसपी डॉ. सदानंद दाते के साथ यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजन स्थल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात रहे।

No comments:

Post a Comment