बीजिंग, आइएएनएस/पीटीआई : पर्यावरण पर हुए पेरिस समझौते को चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने भी मंजूरी दे दी है। चीन में कांग्रेस संसद की तरह कार्य करती है और कोई भी नीति या कार्यक्रम लागू करने के लिए उसकी सहमति जरूरी होती है। जी 20 सम्मेलन से एक दिन पहले दी गई इस मंजूरी के बाद अब राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कार्बन उत्सर्जन कम करने से संबंधित संकल्प पत्र पर दस्तखत करके उसे संयुक्त राष्ट्र महासचिव को देंगे। उल्लेखनीय है कि ये दोनों देश दुनिया का 40 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन करते हैं। दुनिया के सबसे शक्तिशाली व संपन्न 20 देशों का सम्मेलन रविवार से चीन के हांगझोऊ शहर में होना है। इसी सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत प्रमुख नेता वहां पहुंचेंगे। सम्मेलन में पर्यावरण सुधार भी एक मुद्दा होगा। चीन दुनिया में सर्वाधिक कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश है। कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण में सुधार के लिए पहला प्रयास सन 1992 में संयुक्त राष्ट्र की ओर से किया गया था। जबकि 1997 में क्योटो संधि हुई थी। पेरिस में दो हफ्ते चले विचार-विमर्श के बाद 196 देशों ने 12 दिसंबर, 2015 को पेरिस में पर्यावरण समझौते पर सहमति जताई थी। इसमें कार्बन उत्सर्जन कम करके तापमान को दो डिग्री सेल्सियस तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस ने कहा, चीन पहले से ही पेड़-पौधों को बनाए रखने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों पर जोर दे रहा है। देश वैश्विक स्तर पर पर्यावरण सुधार में बड़ा योगदान करने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि पेरिस समझौते पर चीन ने बीती 22 अप्रैल को न्यूयॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हस्ताक्षर किए। चीन ने भी सन 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को 65 प्रतिशत तक कम करने की घोषणा की है। इसके लिए वह ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल बढ़ाएगा। पढ़ें- राजनीतिक सरगर्मी से सराबोर होगी जी-20 बैठक पढ़ें- पेरिस जलवायु समझौते को चीन ने दी मंजूरी, वैश्विक तापमान को कम करने का लक्ष्य
Courtesy: jagran. Com
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