विशाखापट्टनम, (सुरेंद्र प्रसाद सिंह)। शहरों के बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च करेगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले शहरीकरण के क्षेत्र में भारत बहुत पीछे हैं। नायडू बुधवार को हरहराते समुंदर और हरी भरी पहाडियों से घिरे बंदरगार शहर में तीसरे ब्रिक्स शहरीकरण सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बेहतर शहरी जीवन और शहरीकरण के विस्तार के लिए ब्रिक्स के सदस्य देशों के अनुभवों का भारत लाभ उठायेगा। देश के शहरी गरीबों को मकान मुहैया कराना सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत इससे निपटने के लिए की गई है। आवासीय योजनाओं में चीन की सस्ती व टिकाऊ तकनीक का सहयोग लिया जाएगा। जबकि भारत शहरीकरण के प्रबंधन का गुर ब्राजील से सीखेगा। डिजिटल इंडिया बनेगा ग्रामीण-शहरी इलाकों में सेवाओं का प्रहरी बड़े शहरों की जरूरतों को पूरा करने और उनकी चुनौतियों से निपटने की रणनीति रूस बतायेगा। तीन दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों के साथ शहरीकरण के क्षेत्र में परस्पर सहयोग पर विचार-विमर्श शुरु हो गया है। सम्मेलन में अन्य देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे देशों के प्रतिनिधि यहां भारत के शहरों में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं। उद्घाटन भाषण में नायडू ने शहरी क्षेत्रों में बुनियादी कमजोरियों का विस्तार से खुलकर जिक्त्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है, जिसमें केंद्र ने शहरी स्थानीय निकायों, राज्य सरकारों के साथ संयुक्त रूप से पहल की है। इसी दिशा में स्मार्ट सिटी, 'अमृत' और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं के लिए कुल 1.13 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2018-19 तक खर्च किया जाएगा। बिक्स के कुल पांच सदस्य देशों में दुनिया की 53 फीसद यानी तीन अरब आबादी रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि शहरीकरण गरीबी को खत्म करने का सबसे बड़ा उपाय है। शहरीकरण के मामले में भारत सबसे पीछे हैं, जहां मात्र 32 फीसद शहरीकरण हो सका है। जबकि ब्राजील में 84 फीसद, रूस में 73 फीसद और दक्षिण अफ्रिका में 56 फीसद शहरीकरण हो चुका है। इस मुद्दे पर नायडू ने जोर देकर कहा कि जिस तेजी से देश में शहरीकरण की शुरुआत हुई है, यह गति देश में 70 फीसद शहरीकरण होने तक जारी रहेगी। नायडू ने कहा कि देश के राजनीतिक क्षेत्र में भी शहरीकरण को लेकर उत्साहजनक जागरुकता आई है। इंजीनियर भविष्य को ध्यान में रखकर योजना बनाएं : नायडू
Courtesy: jagran. Com
No comments:
Post a Comment