देहरादून। उत्तराखंड ने देश को सबसे ज्यादा फौजी अफसर और सैनिक दिए हैं। अब अमेरिका ने भी ये माना कि इंडियन आर्मी दुनिया की सबसे शक्तिशाली फौज में से एक है। ये बात खुद यूएस आर्मी के ब्रिगेड कमांडर कर्नल फॉले ने कही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का कोई मुकाबला नहीं है।

भारतीय सेना से हैं काफी प्रभावित
यूएस आर्मी के ब्रिगेड कमांडर कर्नल फॉले ने खुले मन से स्वीकारा कि वह भारतीय सेना से खासे प्रभावित है। करीब तीन मिनट की प्रेस कांफ्रेस में ‘इंडियन ब्रदर्स’, ‘इंप्रेसिव इंडियन आर्मी’, ‘प्रोफेशनल एंड इमोशनल रिलेशन विद इंडियन आर्मी’ आदि शब्दों के जरिये उन्होंने संयुक्त सैन्य युद्ध अभ्यास को दोस्ती के साथ भाईचारे से भी जोड़ा। अन्य सैन्य अफसर बोले कि भारत का शांति सूत्र लेकर अपने देश लौटेगे।
बेशक 2014 के 10 वें इंडो अमेरिकन युद्ध अभ्यास में गरुड़ मैदान की आबोहवा में दोस्ती का पैगाम तैर रहा था। मगर एक वर्ष के अंतराल मे यूएस आर्मी भारतीय सेना से खासी प्रभावित दिखी। इस बात को यूएस आर्मी के ब्रिगेड कमांडर कर्नल फॉले ने भी स्वीकारा। उन्होंने शुरूआती संबोधन मे ही भारत को भाई कह कर यहां की फौज से एक नया रिश्ता जोड़ा। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोस्ती बढ़ेगी तो भावनात्मक व व्यावसायिक रिश्ते भी मजबूत होगे।
यूएस आर्मी की ही स्टाफ सार्जेट बलरीत खैरा ने कहा किभारत और भारतीय सेना के शांति का सूत्र व मंत्र दुनिया को बहुत कुछ सिखा रहा है। हम भी शांति के इस सूत्र को सीखने के लिये यहां आये है। यह सौभाग्य है। विश्व शांति का पक्षधर भारत से बेहतर और कोई नहीं।
अमेरिकी सेना के कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड में लेफ्टिनेट कर्नल कैनेथ कूप छठी बार संयुक्त सैन्य युद्ध अभ्यास के लिये भारत आये है। वह भारतीय सेना के अनुशासन, पराक्रम व शांति सेना के रूप मे अहम भूमिका, सभी खूबियो से वाकिफ भी है।
Courtesy: puriduniya. Com
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