लखनऊ
मुलायम सिंह यादव के दखल के बाद ऐसा लग रहा था कि समाजवादी पार्टी में छिड़ी जंग फिलहाल थम गई है, लेकिन यह संघर्ष-विराम 24 घंटे भी नहीं रह सका। एक दिन पहले राम गोपाल यादव के सगे भांजे अरविंद प्रताप यादव को पार्टी से निकालने के बाद अब
समाजवादी कुनबे के भीतर रार खत्म होने के बजाय और तेज हो सकती है। शिवपाल ने अखिलेश से आर-पार की लड़ाई का संकेत दे दिया है। जब शिवपाल के विभाग हटाए गए थे और यादव परिवार का कलह खुलकर सामने आया था, उस समय रामगोपाल यादव हर फैसले में अखिलेश के साथ खुलकर खड़े थे। अब शिवपाल यादव ने प्रदेश अध्यक्ष बनने और पूरी लड़ाई में खुद को प्रभावी साबित करने के बाद हिसाब करना शुरू कर दिया है। इसीलिए उन्होंने सबसे पहली कार्रवाई अपने चचेरे भाई राम गोपाल यादव के सगे भांजे अरविंद प्रताप यादव के खिलाफ की, और अब उनके निशाने पर अखिलेश के करीबी हैं।
Courtesy: India times. Com
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