जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उरी में सैन्य अड्डे पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आज कहा कि ऐसा लगता है कि क्षेत्र में ताजा हिंसा फैलाने और युद्ध जैसे हालात पैदा करने के उद्देश्य से यह हमला किया गया।
सुश्री मुफ्ती ने शहीद 17 जवानों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। साथ ही हमले में घायल हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उरी हमला जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर के लोग जो पहले से अत्यंत दुखदायी स्थिति झेल रहे है, उन्हें राज्य में हिंसा और ताजा खूनखराबा फैलाने के लिए किए गए इस हमले का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ेगा।'
सुश्री मुफ्ती ने कहा कि भारत-पाकिस्तान शत्रुता से सबसे ज्यादा पीड़ति जम्मू-कश्मीर रहा है और पिछले छह दशकों से ज्यादा समय से यहां के लोग इसकी सबसे भारी कीमत अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा के दोषियों को यह समझ लेना चाहिए कि हिंसक कृत्यों से न पहले कोई फायदा मिला है और लोगों की परेशानियां बढ़ाने के अलावा न ही भविष्य में इससे कोई फायदा मिलेगा।
इसी बीच जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा और महबूबा मुफ्ती आज राजभवन में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे।
इसी बीच राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उरी हमले की निंदा करते हुए कहा कि, ऐसे हमले भारत को झुका नहीं सकते, हम आतंकियों और उनके समर्थकों के नापाक मंसूबों को विफल करेंगे।
प्रमुख पार्टियों और नेताओं ने उरी में आतंकी हमले की आज कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि इस हमले के अपराधियों और इसके पीछे की ताकतों से सख्ती से निपटा जाएगा।
पार्टी के एक बयान में कहा गया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उरी में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में भारतीय जवानों की शहादत पर गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है।
इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले को हमारी अंतरात्मा का दुखद अपमान करार देते हुए गांधी ने उम्मीद जताई कि इस कायरतापूर्ण हमले के अपराधियों और इसके पीछे की ताकतों से सख्ती से निपटा जाएगा और कानून के तहत उनपर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने टवीट किया, उरी में सैन्य अडडे पर इस आतंकी हमले की निंदा करता हूं। इस हमले में शहीद के परिजनों के साथ मेरी हार्दिक सहानुभूति है।
माकपा केन्द्रीय समिति ने इस हमले की निंदा करते हुए पाकिस्तान को अतिवादी ताकतों की मदद बंद करने को कहा। पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद में लिप्त रहने से बाज आना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।पार्टी ने कहा कि वह निरंतर इस बात पर जोर देती रही है कि आतंकवाद कश्मीर मुददे का समाधान नहीं है। माकपा यह दोहराना चाहेगी कि कश्मीर समस्या के दीर्घकालिक स्थायी समाधान के लिए अविलंब सभी भागीदारों के साथ राजनीतिक वार्ता शुरू करनी चाहिए।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेंगलूरू में संवाददाताओं को बताया, यह निश्चित तौर पर निंदनीय है वे इस तरह की गतिविधियों के साथ हमें निरंतर धमकी देते रह सकते हैं, लेकिन भारत अपनी आतंरिक सुरक्षा का ख्याल रखने में पर्याप्त रूप से समर्थ है।
Courtesy: livehindusthan. Com
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