नई दिल्ली, प्रेट्र : फ्रांस के रक्षा मंत्री जीन येव्स ले डेरियन लंबे समय से लटके राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर मुहर लगाने 22 सितंबर को भारत आ रहे हैं। 7.78 अरब यूरो (करीब 59 हजार करोड़ रुपये) के इस सौदे के तहत 36 लड़ाकू विमान खरीदे जाने हैं। रक्षा सूत्रों का कहना है कि अगर सब ठीक रहा तो फ्रांस के साथ होने वाले अंतर सरकारी समझौते (आइजीए) पर 23 सितंबर को दस्तखत हो सकते हैं। पढ़ें- 7.87 बिलियन यूरो की राफेल डील हुई पक्की, 23 को होंगे समझौते पर हस्ताक्षर फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ राफेल प्रोजेक्ट से जुड़ी फ्रांसीसी कंपनियों दासौ एविएशन, थेल्स और एमबीडीए के सीईओ भी भारत आ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि विमानों की कीमत और उनके रखरखाव संबंधी बातें पहले ही तय हो चुकी हैं। अब सिर्फ आइजीए पर काम हो रहा है। इस संबंध में फ्रांस की एक टीम पहले ही भारत आ चुकी है। आइजीए का मसौदा तैयार होते ही संबंधित दस्तावेज अंतिम मंजूरी के लिए रक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के समक्ष रखे जाएंगे। पढ़ें- राफेल के साथ भारत को मिलेगी मेटेओर मिसाइल, पाक-चीन में मची खलबली इस साल जनवरी में सौदे की कीमत को लेकर लगातार वार्ता के बाद भारत 59 करोड़ यूरो (करीब 4415 करोड़ रुपये) बचाने में कामयाब रहा था। करार के तहत भारत को पहला विमान 2019 की शुरुआत में मिलने की उम्मीद है।
Courtesy: jagran. Com
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