Thursday, 15 September 2016

रैगिंग में इंजीनियरिंग छात्र को लगाया नशीला इंजेक्शन

मथुरा (जेएनएन)। हाईवे स्थित एक डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग के नाम पर छात्र को जमकर प्रताडि़त किया गया। उसे नशीला इंजेक्शन लगा दिया। हॉस्टल मैस के खाने में नशीला पदार्थ मिलाया गया। छात्र के पिता की तहरीर पर आरोपी छात्रों और मैस कर्मचारी के खिलाफ पॉस्को सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मेवाड़ कॉलेज में जूते का फीता बंधवाते हैं सीनियर, पुलिस में शिकायत फर्रुखाबाद जिला निवासी 17 वर्ष के छात्र ने इसी वर्ष संजय इंजीनियरिंग कॉलेज के मैकेनिकल प्रोडक्शन डिप्लोमा में प्रवेश लिया। वह 14 अगस्त से हॉस्टल में रह रहा है। आज छाता पुलिस के साथ वो कॉलेज पहुंचा। वहां उसने आपबीती सुनाई। आरोप लगाया कि हॉस्टल में साथ रह रहा छात्र शशांक पांडेय इंजेक्शन से उसे ड्रग देता है। वह पूरे दिन नशे की हालत में रहने लगा। इस सब में मैस का स्टॉफ भी शामिल था। जब वह अपने घर जाने की बात करता तो उसके साथ मारपीट की जाती। छात्र ने एक सितंबर को अपने घर फोन किया। दो सितंबर को वह पेट दर्द की दवा लेने के बहाने कॉलेज से निकल आया। स्टेशन पर पिता पहुंच गए थे। इसके बाद वो घर चला गया। रैगिंग को लेकर जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम कर रहा कुवि आज थाना छाता में राजेश कुमार द्वारा हॉस्टल में रह रहे छात्र शशांक पाण्डेय, अजहरुद्दीन खान, आयुश यादव, चिनाय बोरा, शिवम राना के साथ मैस कर्मचारी विजय कुमार के खिलाफ तहरीर दी। हल्का इंचार्ज रामसनेही राजपूत ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पॉस्को, नशे के इंजेक्शन लगाना, मारपीट आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूरा मामला रैगिंग से जुड़ा है। मामले में डिप्लोमा कॉलेज के प्रिंसिपल अमिताभ कुमार का कहना है कि छात्र का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा। वो कॉलेज छोडऩा चाहता है। वह तीन सितंबर तक कॉलेज में रहा, तब उसने शिकायत क्यों नहीं की।

Courtesy: jagran. Com

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