नई दिल्लीः जियो और भारती एयरटेल के बढ़ते विवाद के बीच भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. मित्तल ने कहा है कि जियो से इंटरकनेक्ट प्वाइंट को लेकर बातचीत की जाएगी और आने वाले कुछ हफ्तों में ये मसला हल कर लिया जाएगा.
अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सुनील भारती मित्तल ने रहा कि जियो के नेटवर्क में इंटरकनेक्ट प्वाइंट को हम को बाधा नहीं बना रहे हैं. PoI कोई बड़ा मसला नहीं होगा इसे जल्द सुलझाया जाएगा. इस बारे में मुकेश अंबानी से भी बात की जा चुकी है.
कंपनी के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर मित्तल ने कहा कि हो सकता है कंपीटीशन बढ़ने से शुरुआती कुछ महीने में हमारा प्रॉफिट मार्जिन घटे लेकिन मुझे यकीन है कि मार्च 2018 तक कंपनी का रेवेन्यू बढ़ेगा. एयरटेल देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है.
क्या है विवाद?
आपको बता दें कि हाल ही में रिलायंस जियो ने एयरटेल पर पर्याप्त इंटरकनेक्ट प्वाइंट मुहैया ना कराए जाने का आरोप लगाया था. रिलायंस जियो ने जहां इंटरकनेक्शन प्वाइंट देने में कोताही की वजह से हर रोज एयरटेल के नेटवर्क पर 2 करोड़ कॉल ड्रॉप और मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी में अड़चन का आरोप लगाया है.
आपसी बातचीत के बाद एयरटेल ने 13 सितम्बर को ऐलान किया था कि वो अतिरिक्त इंटरकनेक्शन प्वाइंट मुहैया करा रही है जिससे मौजूदा क्षमता तीन गुना बढ़ जाएगी और ये डेढ़ करोड़ ग्राहकों के लिए पर्याप्त होगा. 17 सितम्बर को एक बयान जारी कर एयरटेल ने कहा कि समझौते के मुताबिक भुगतान की तारीख से इंटरकनेक्शन प्वाइंट पूरी तरह से सेवा योग्य बनाने के लिए 90 दिन का समय तय है. हालांकि एयरटेल की कोशिश इस समय से पहले इंटरकनेक्शन प्वाइंट जारी करने की होगी.
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी
रिलायंस जियो ने एक और आरोप लगाया गया है कि एयरटेल आधारहीन और अप्रमाणित कारणों के चलते अपने ग्राहकों को उसके नेटवर्क को अपनाने यानी मोबाइल नबंर पोर्टेबिलिटी को रोक रहा है. मोबाइल नबंर पोर्टेबिलिटी ग्राहकों को बगैर मौजूदा नंबर बदले एक नेटवर्क के बजाए दूसरे नेटवर्क को अपनाने की सुविधा देता है. ग्राहक यदि अपनी मौजूदा कंपनी के सेवाओं से संतुष्ट नहीं है तो कुछ शर्तों और औपचारिकताओं को पूरी करने के बाद दूसरे कंपनी की सेवा में शामिल हो सकते हैं.
इस पर एयरटेल ने कहा कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी को लेकर आ रहे तमाम आवेदनों पर कार्रवाई दिशानिर्देशों के अनुसार हो रही है. हजारों की तादाद में हर रोज दूसरे नेटवर्क के ग्राहक एक-दूसरे नेटवर्क पर आते हैं और जाते हैं, लिहाजा पोर्टेबिलिटी के 69 आवेदनों को रोके जाने के जियो के के आरोप में कोई दम नहीं.
Courtesy :abplive. Com
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