बिजनेस की दुनिया में भी हिंदी भाषी सफलता का डंका बजा रहे हैं। हाल में ‘हुरुन रिपोर्ट’ 2016 के सबसे अमीर भारतीयों की सूची जारी की। इस सूची में बाबा रामदेव के बालसखा और पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण तथा अलीगढ़ के साधारण परिवार में जन्मे ‘पेटीएम’ के संस्थापक विजय शेखर शर्मा शामिल हैं। 339 उद्योगपतियों की सूची में बालकृष्ण 25वें नंबर पर हैं।
आचार्य बालकृष्ण कुल 25,600 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में देश के शीर्ष-25 अमीर व्यक्तियों में शामिल हो गए हैं। पतंजलि का टर्नओवर 5000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है और अगले साल इसके दोगुने होने की संभावना है। पतंजलि में आचार्य बालकृष्ण की 94 फीसदी हिस्सेदारी है।
रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि ने बाजार में एक तरह से तूफान ला दिया है, जिसमें बहुत सी कंपनियां उड़ गई हैं। रोचक बात यह भी है कि जहां दूसरी कंपनियां बाजार में कोई ब्रांड उतारने से पहले रिसर्च कराती हैं, वहीं पतंजलि तेजी से एक के बाद एक उत्पाद को बाजार में उतार रहा है। हाल ही में उसने पतंजलि जीन्स भी लांच करने की घोषणा कर दी है। जानकारों का मानना है कि पतंजलि की सफलता के पीछे कई कारण हैं। इनमें स्वदेशी होना, कम दाम रखना और विभिन्न तरह के उत्पाद शामिल हैं।
बिजनेस के ‘उसेन बोल्ट’ विजय शेखर
40 साल से कम उम्र वाले 11 एंटरप्रिन्योर की सूची में विजय शीर्ष पर हैं। 38 साल के विजय की संपत्ति एक साल में 162 गुना बढ़ गई। उनकी संपत्ति एक साल पहले 2824 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 7300 करोड़ के पार जा चुकी है। इतनी तेजी से कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने की वजह से उन्हें ‘उसेन बोल्ट’ कहा जा रहा है।
Courtesy: livehindusthan. Com
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