Tuesday, 14 June 2016

सुरक्षा के लिए मोदी सरकार से मदद मांग रहे हैं बांग्लादेशी हिंदू

बांग्लादेश में पिछले कई समय से अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाई समुदाय के लोगों पर हमले हो रहे हैं।

कोलकाता,(जागरण संवाददाता)। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाई समुदाय के लोगों पर हमले की घटनाएं लगातार प्रकाश में आ रही हैं। इसी के मद्देनजर वहां के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोग मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का दखल चाहते हैं। ये लोग चाहते हैं कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार बांग्लादेश के साथ कोई पहल करे।

इस बाबत बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल के महासचिव और जानेमाने मानवाधिकार कार्यकर्ता राणा दासगुप्ता ने कहा कि बांग्लादेश में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय निशाने पर है। कट्टरपंथी और जमाती ताकतें बांग्लादेश से हिंदुओं का सफाया करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम महसूस करते हैं कि हिंदू बहुसंख्यक राष्ट्र होने की वजह से भारत को कुछ करना चाहिए। हमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत उम्मीदें हैं। उनको कदम उठाना चाहिए और बांग्लादेशी सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहिए तथा हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

गौरतलब है कि बांग्लादेश के एक हिंदू आश्रम में काम करने वाले 60 वर्षीय नित्यरंजन पांडेय की बीते 10 जून को संदिग्ध इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। दासगुप्ता ने दावा किया कि धार्मिक बहुसंख्यक एवं कट्टरपंथी समूह हिंदू समुदाय का सफाया करना चाहते हैं। दो वर्षो से धार्मिक सफाया की गति काफी तेजी से बढ़ी है। उनके मुताबिक अगर बांग्लादेश कट्टरपंथी देश में तब्दील होता है तो भारतीय उप महाद्वीप में स्थिरता कभी हासिल नहीं की जा सकती। इसलिए अगर भारत क्षेत्र में स्थिरता चाहता है तो उसे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए।

वहीं बांग्लादेश के जानेमाने अभिनेता और बांग्लादेश फिल्म विकास निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक पीयूष बंद्योपाध्याय ने कहा कि जब तक भारत बांग्लादेश पर दबाव नहीं बनाता तब तक कट्टरपंथी काबू में नहीं आएंगे। भारत इस क्षेत्र की बड़ी ताकत है। पड़ोसी देश में जब हिंदुओं की निर्मम हत्या की जा रही है तो भारत मूकदर्शक नहीं बना रह सकता

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