वॉशिंगटन। भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल कराने के लिए अमेरिका ने मुहिम तेज कर दी है। चीन के गतिरोध के बीच अमेरिका ने एनएसजी सदस्यों से आज कहा कि वे सियोल में शुरू होने वाली अपनी बैठक के दौरान एनएसजी में शामिल होने संबंधी भारत के आवदेन पर विचार करें और उसे समर्थन दें।
वाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारा मानना है और यह कुछ समय से अमेरिका की नीति रही है कि भारत सदस्यता के लिए तैयार है और अमेरिका भाग लेने वाली सरकारों से अपील करता है कि वे एनएसजी की पूर्ण बैठक में भारत के आवेदन को समर्थन दें।
अर्नेस्ट ने कहा कि साथ ही, किसी भी आवेदक को समूह में शामिल करने के लिए भाग लेने वाली सरकारों को सर्वसम्मति से निर्णय पर पहुंचने की आवश्यकता होगी और अमेरिका भारत की सदस्यता की निश्चित रूप से वकालत करेगा।’ अर्नेस्ट का बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने कहा है कि भारतीय की सदस्यता का मामला एनएसजी की बैठक के एजेंडे में नहीं है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता जॉन किर्बी ने भी एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में अर्नेस्ट की बात दोहराई।
बता दें कि चीन ने एक दिन पहले ही भारत को झटका देते हुए कहा था कि सियोल में होने वाली बैठक के एजेंडे में भारत की एनएसजी सदस्यता पर चर्चा नहीं है। इससे एक दिन पहले ही विदेश मंत्री सुषमा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि हमें पूरा भरोसा है कि चीन मान जाएगा।
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