लखनऊ (जेएनएन)। बरसात के बाद सुहाने मौसम में कानपुर गंगा बैराज पर मौज मस्ती करने पहुंचे दस छात्र सेल्फी के चक्कर में गंगा में डूब गए, जिसमे तीन लोगों को किसी तरह से बचा लिया लेकिन सात अन्य की डूबकर मौत हो गई। गोताखोरों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सातों शवों को गंगा से खोजकर निकाल लिया। मृतकों में दो भाई थे। एक युवक उन्हें बचाने के चक्कर में डूब गया जिसने उन्हें बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी थी।
गंगा बैराज पर बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे चार बाइक से पहुंचे नौ छात्र गंगा किनारे बने बांध के सीमेंटेड स्लोप पर गंगा में पैर डालकर बैठे थे। सेल्फी खींचने के दौरान दो छात्रों के पैर फिसल गए। उन्हें बचाने की कोशिश में अन्य भी फिसल गए। एक दूसरे को बचाने के प्रयास में सभी एक-एक कर गंगा में समा गए। छात्रों की चीखपुकार सुनते ही आसपास के लोगों ने अर्जुन समेत तीन लोगों को बचा लिया जबकि सात लोग गंगा में समा गये।
मृतकों में जूही विनोबा नगर निवासी राजकुमार के बेटे सत्यम व शिवम, स्वर्गीय देवता प्रसाद के बेटे रोहित, विजय गुप्ता के बेटे सचिन, रमेश गुप्ता के बेटे संदीप व स्वर्गीय सुभाष तिवारी के बेटे गोलू और कर्नलगंज गम्मू खां हाता निवासी मंजूर के बेटे मकसूद शामिल हैं। मकसूद इन लोगों को डूबते देख बचाने को कूदा था, लेकिन खुद काल के गाल में समा गया। बेटों की असमय मौत की सूचना मिलते ही घरों में कोहराम मच गया। प्रशासन ने मृतकों के परिवारीजन को सहायता राशि देने की घोषणा करने के साथ ही तीन मृतकों के शव को परिवारीजन की इच्छा के चलते सौंप दिया। वहीं चार का पोस्टमार्टम करवाया गया।
सुरक्षा-व्यवस्था न होने पर फूटा आक्रोश
बैराज पर लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं के बाद भी प्रशासन के वहां सुरक्षा या रोकथाम की कोई व्यवस्था न करने से परिवारीजन का आक्रोश फूट गया। आक्रोशित परिवारीजन ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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