इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक सीनेट समिति ने घोषणा की कि हिंदू लड़कियों का इस्लाम में जबरन धर्मांतरण करना गैर इस्लामी है। साथ ही सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के संरक्षण के लिए एक व्यापक तंत्र अपनाने की अपील की।
धार्मिक मामलों पर सीनेट की स्थायी समिति के अध्यक्ष हाफिज हमदुल्ला ने कहा कि लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है और देश के कानून का भी उल्लंघन है।
डॉन की खबर के मुताबिक धर्म एक निजी विषय है और किसी व्यक्ति का जबरन धर्मांतरण नहीं कराना चाहिए। सदन के नेता रजा जफरूल हक ने भी कहा कि धर्मांतरण के लिए किसी को भी मजबूर करना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है।
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