Saturday, 18 June 2016

कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा कराने की सिफारिश

पैनल ने ये भी सुझाव दिया है कि दसवीं में गणित और विज्ञान की परीक्षा को दो स्तरों पर लिया जाए। पहला छोटे स्तर पर और दूसरा बड़े स्तर पर ताकी बच्चों पर इन दो विषयों का कम बोझ पड़े।

नई दिल्ली। नेशनल पॉलिसी ऑफ एजेुकेशन द्वारा गठित की गई कमेटी ने स्कूल परीक्षा की संरचना में आधारभूत परिवर्तन की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट एचआरडी मिनिस्ट्री को भेज दी है। रिपोर्ट में परीक्षार्थियों के लिए ऑन डिमांड बोर्ड परीक्षा लेने की सिफारिश की गई है इसमें परीक्षा को दसवीं और बारहवीं के बाद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने की सिफारिश की गई है।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पब्लिक बोर्ड परीक्षाएं महत्वपूर्ण हैं लेकिन बच्चों के लिए तनाव कम करने और इसमें लचीलापन लाने की जरूरत है। इस रिपोर्ट में ऑन डिमांड बोर्ड एग्जाम लेने की भी सिफारिश की गई है यानी की जब बच्चा तैयार हो तब उसकी ऑनलाइन परीक्षा ली जा सके।

रिपोर्ट में बारहवीं के बाद कॉलेजों में प्रवेश के लिए कई प्रवेश परीक्षाओं की बजाय एक SAT जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा लेने की सिफारिश की गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पैनल ने ये भी सुझाव दिया है कि दसवीं में गणित और विज्ञान की परीक्षा को दो स्तरों पर लिया जाए। पहला छोटे स्तर पर और दूसरा बड़े स्तर पर ताकी बच्चों पर इन दो विषयों का कम बोझ पड़े।

पैनल की सिफारिशक के मुताबिक जो बच्चे ग्यारहवीं में वोकेशनल कोर्स करना चाहते हैं उनकी दसवीं में साइंस और गणित की छोटे स्तर की परीक्षा ली जाए। एचआरडी मंत्रालय को अब पैनल की सिफारिशों पर संज्ञान लेना है।

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