Friday, 17 June 2016

भारतीय हॉकी टीम ने रचा इतिहास, पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में बनाई जगह

दिग्गद ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा दिखाते हुए चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में भारत को 4-2 से रौंद दिया है।

लंदन। ओलंपिक से पहले भारतीय हॉकी टीम ने नया इतिहास रच दिया है। भारत इतिहास में पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में पहुंच गई है। गुरुवार रात खेले गए मैच में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 4-2 से मात दे दी थी लेकिन फिर भी भारत की उम्मीदें ग्रेट ब्रिटेन और बेल्जियम के मैच पर टिकी थीं।

दरअसल, अगर ब्रिटेन जीत जाता तो उसे फाइनल में एंट्री मिल जाती लेकिन अगर मैच ड्रॉ होता या फिर बेल्जियम 3 या उससे कम गोल करके जीतता तब भी भारत को एंट्री मिल जाती और हुआ भी ऐसा ही, बेल्जियम और ग्रेट ब्रिटेन का मैच 3-3 से ड्रॉ रहा जिसके साथ दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं और अंक तालिका में दूसरे नंबर की टीम भारत को फाइनल में एंट्री मिल गई। अब फाइनल में भारत का मुकाबला एक बार फिर विश्व नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। अब भारतीय टीम का सिल्वर मेडल तो पक्का हो ही गया है। भारत ने आखिरी बार 1982 में चैंपियंस ट्रॉफी में कांस्य पदक जीता था।

भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में पहला क्वार्टर गोल रहित रहा लेकिन दूसरे क्वार्टर में 21वें मिनट पर अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर मिटन ने गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिला दी। वहीं, इसके दो मिनट बाद 23वें मिनट में जेल्यूस्की ने गोल किया और ऑस्ट्रेलिया को 2-0 की बढ़त मिल गई। पहले हाफ की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलियाई टीम 2-0 की बढ़त के साथ भारत के लिए मुश्किलें बढ़ाती नजर आ रही थी।

दूसरे हाफ में 35वें मिनट पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत की मुश्किलें तब और बढ़ा दीं जब ओगिल्वी ने सर्कल के अंदर जगह का फायदा उठाते हुए शानदार गोल किया और ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 की बढ़त बना ली। मैच के 43वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर के रूप में शानदार मौका जरूर मिला लेकिन हरमनप्रीत इसका फायदा नहीं उठा सके। भारतीय फैंस को इसके दो मिनट के बाद 45वें मिनट में थोड़ी राहत तब मिली जब तीसरे क्वार्टर के खत्म होते-होते रघुनाथ ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करके भारत को पहली सफलता दिलाई।

तीसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 3-1 था लेकिन चौथे क्वार्टर में 45वें मिनट पर ऑस्ट्रेलिया ने शानदार काउंटर अटैक किया जिस पर वाइट ने गोल करके ऑस्ट्रेलिया को चौथी सफलता दिला दी। भारत अब भी संघर्ष करता रहा और 49वें मिनट में मनदीप के एक शानदार टच के दम पर भारत को मैच में दूसरी सफलता नसीब हुई। भारत को अंतिम क्षणों में तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वे इन पर एक भी गोल करने में सफल नहीं हुई। नतीजतन अंतिम स्कोर 4-2 ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रहा!

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