Sunday, 13 March 2016

'पाकिस्तान सरकार के समर्थन से गुलाम कश्मीर में पल रहा आतंकवाद'

'पाकिस्तान सरकार के समर्थन से गुलाम कश्मीर में पल रहा आतंकवाद'

श्रीनगर। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी के महासचिव और गुलाम कश्मीर से निर्वासित शौकत अली कश्मीरी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार को बेनकाब कर दिया है।

जिनेवा में जारी संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद के 31वें अधिवेशन में शौकत अली कश्मीरी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के दोगलेपन की पोल खोली। उन्होंने कहा कि एक तरफ पाकिस्तान कहता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है, वह आतंकवाद की पीड़ा झेल रहा है। लेकिन दूसरी तरफ लश्कर, जैश, यूनाइटेड जिहाद काउंसिल जैसे संगठन खुलेआम पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। इन संगठनों को पाकिस्तान की सरकार का खुला समर्थन प्राप्त है। शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि तालिबान के कई कमांडरों को पाकिस्तानी सरकार के नेताओं का समर्थन है। इसलिए यह किसी भी तरह से आतंकवाद के खिलाफ जंग नहीं है। अगर आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान जंग लड़ रहा होता तो वह सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ होता।

उन्होंने कहा कि हमारे मुजफ्फराबाद और उसके साथ सटे इलाकों में आतंकी ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। आतंकी ढांचा पूरी तरह मौजूद है और आतंकियों के ट्रेनिंग चल रही है। वहां से आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में लांच किया जाता है। मैं जम्मू-कश्मीर की आजादी का समर्थक हूं। लेकिन मेरा यह पक्का यकीन है कि आतंकी और जिहादी कश्मीर को आजाद नहीं करा सकते।

गिलगित बाल्टिस्तान के हालात बहुत खराब

शौकत कश्मीरी ने कहा कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को बेशक आजाद कश्मीर कहा जाता है। लेकिन वह आजाद नहीं है, वहां हम लोग भी आजादी के लिए लड़ रहे हैं। हम लोगों को दबाने के लिए पाकिस्तान ने मानवाधिकारों के हनन का बाजार गर्म कर रखा है। गिलगित बाल्टिस्तान के हालात बहुत खराब हैं। मैं कश्मीरियों के हक की बात करता हूं, इसलिए मुझे पाकिस्तान सरकार ने मुजफ्फराबाद से निर्वासित किया है।

No comments:

Post a Comment