Thursday, 17 March 2016

खुलासा ! देश का दो तिहाई दूध नहीं है पीने के लायक

खुलासा ! देश का दो तिहाई दूध नहीं है पीने के लायक

नई दिल्ली। देश में दूध की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सरकार के मुताबिक, 68 फीसद से ज्यादा दूध खाद्य नियामक की ओर से तय मानकों पर खरा नहीं उतरता है। हालांकि इससे निपटने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री हर्षवर्धन ने प्रश्नकाल के दौरान जानकारी दी कि एक ऐसा स्कैनर तैयार किया गया है, जो 40 सेकेंड में दूध में अशुद्धियों का पता लगा लेता है। यह दूध में मिली अशुद्धि की बेहद थोड़ी मात्रा को भी पहचानने में सक्षम है। अब से पहले दूध में अशुद्धियों की जांच के लिए अलग से रासायनिक जांच की आवश्यकता होती थी।

मंत्री ने कहा कि संसद सदस्यों को अपनी सांसद निधि से अपने संसदीय क्षेत्र के लिए इस स्कैनर की खरीद करनी चाहिए। स्कैनर की लागत अभी बेशक ज्यादा है, लेकिन इससे एक जांच पर आने वाला खर्च बमुश्किल 10 पैसा है। मंत्री ने बताया कि निकट भविष्य में जीपीएस आधारित एक ऐसी तकनीक भी विकसित की जाएगी, जिससे इस बात का पता लग सके कि दूध आपूर्ति श्रृंखला के किस बिंदु पर उसकी गुणवत्ता से छेड़छाड़ की गई। दूध में आमतौर पर पाए जाने वाली अशुद्धियों में डिटर्जेट, कास्टिक सोडा, ग्लूकोज, सफेद पेंट और रिफाइंड तेल जैसी मिलावटें शामिल हैं। ऐसे दूध के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है।

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