लीबिया में रॉकेट हमले में भारतीय नर्स और बेटे की मौत
कोट्टायम। लीबिया में रॉकेट हमले की चपेट में आने से एक भारतीय नर्स और उनके 18 माह के बेटे की मौत हो गई। वे केरल के रहने वाले थे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारतीय राजदूत से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शवों को भारत लाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
सुषमा स्वराज ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे सुनू सत्यन और उनका बेटा प्रणव रॉकेट हमले की चपेट में आ गए। वे लीबिया की राजधानी त्रिपोली से 45 किलोमीटर दूर जवैया शहर में रहते थे। विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, 'सुनू के अपार्टमेंट पर रॉकेट हमला हुआ था। विदेश विभाग के अधिकारी उनके पति विपिन कुमार के संपर्क में हैं।
जवैया अस्पताल में 26 अन्य भारतीय भी काम कर रहे हैं। मैं सशस्त्र संघर्ष वाले क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों से एक बार फिर वहां से निकल जाने का आग्रह करती हूं। नर्स के पिता सत्यन नायर ने सरकार से दोनों के शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई जिस पर सुषमा स्वराज ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
सुनू जवैया मेडिकल सेंटर में नर्स थीं। रॉकेट हमले के वक्त उनके पति विपिन कुमार अस्पताल में ड्यूटी पर थे। इस वजह से उनकी जान बच गई। विपिन और सुनू 2012 में शादी के बाद लीबिया चले गए थे। धमाके में रिहायशी इलाके में रहने वाले कुछ और लोगों के मारे जाने की भी खबर है। केरल के गृह राज्य मंत्री रमेश चेन्निथला ने लीबिया में सात से आठ लोगों के फंसे होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उन्हें सुरक्षित भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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